
ग्वालियर/श्योपुर। देश के सबसे स्वच्छ नदियों में शुमार चंबल नदी के घडिय़ाल अभयारण्य क्षेत्र में मछलियों की 33 प्रजातियां सर्वाइव कर रही हैं। ये स्थिति सामने आई है घडिय़ाल अभयारण्य प्रबंधन के विशेष सर्वे में, जो पिछले महीने कराया गया। इसमें अभयारण्य क्षेत्र के 435 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में मछलियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है।
उल्लेखनीय है कि शेड्यूल-1 के जलीय जीव घडिय़ालों के संरक्षण के लिए स्थापित किए गए राष्ट्रीय घडिय़ाल चंबल अभयारण्य में यूं तो घडिय़ाल, मगरमच्छ और डॉल्फिन जैसे जलीय जीवों की संख्या बढ़ रही है। वहीं नदी में मछलियों की प्रजातियां जानने अभयारण्य प्रबंधन ने पिछले माह एक सर्वे कराया, जिसमें 33 प्रकार की मछलियां मिली है। वन्यजीव संस्थान देहरादून सहित अन्य संस्थानों के रिसर्च स्कॉलर्स की मदद से किए गए सर्वे में मछली की कुछ ऐसी प्रजातियां भी मिली है, जो केवल ठंडे क्षेत्रों की नदियों में ही पाई जाती है। यही वजह है कि प्रबंधन ऐसी मछलियों को संरक्षण के लिए भी प्रयास कर रहा है।
राज्य मछली महाशीर भी बहुतायत में
मछलियों की प्रजाति जानने के लिए हमने चंबल में विशेष सर्वे मध्यप्रदेश की राज्य मछली महाशीर भी बहुतायत में पाई जाती है। बताया गया है कि पिछले कुछ समय पूर्व ही महाशीर को राज्य मछली घोषित किया गया है। ये मछली नर्मदा सहित बारहमासी नदियों में ज्यादा पाई जाती है।
"अभयारण्य क्षेत्र में हमने मछलियों के लिए स्पेशल सर्वे कराया था, जिसमें 33 प्रकार की मछलियों की प्रजाति मिली है। साथ कुछ विशेष प्रकार की प्रजातियां भी यहां मिली है।"
एए अंसारी, डीएफओ, राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य मुरैना
Published on:
26 Dec 2017 03:53 pm
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