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इंदौर के पीएफ कमिश्नर को पकड़ने 5 हजार का इनाम

ग्वालियर के बन्हेरी (आरोन) के सरपंच विक्रम सिंह रावत की हत्या के आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस सक्रिय हो गई है। सरपंच विक्रमसिंह की सोमवार सुबह 9 बजे पांच हत्यारों ने घेरकर हत्या कर दी थी। विक्रम सिंह कांतिनगर कॉलोनी (पड़ाव) में वकील के घर आए थे। यहां पहले से घात लगाकर उसका इंतजार कर रहे हत्यारों ने महज 63 सेकंड में ही इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस ने अब आरोपियों पर इनाम घोषित कर दिया है।

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पुलिस ने अब आरोपियों पर इनाम घोषित कर दिया है।

ग्वालियर के बन्हेरी (आरोन) के सरपंच विक्रम सिंह रावत की हत्या के आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस सक्रिय हो गई है। सरपंच विक्रमसिंह की सोमवार सुबह 9 बजे पांच हत्यारों ने घेरकर हत्या कर दी थी। विक्रम सिंह कांतिनगर कॉलोनी (पड़ाव) में वकील के घर आए थे। यहां पहले से घात लगाकर उसका इंतजार कर रहे हत्यारों ने महज 63 सेकंड में ही इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस ने अब आरोपियों पर इनाम घोषित कर दिया है।

इस मामले में चार नामजद समेत छह आरोपी बनाए गए हैं। वकील के घर आए सरपंच को 11 गोलियां मारीं जिसमें सात सिर में मारी गईं ताकि वह बच न सके। सीसीटीवी में पांच आरोपी कैद हुए। हत्यारोपियों में इंदौर के इपीएफओ कमिश्नर का नाम भी है।

दिल दहलाने वाली करतूत
हत्याकांड का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है उसमें कॉलोनी के सीसीटीवी फुटेज में सबसे पहले बाइक पर आए दो हत्यारों ने कार की पिछली सीट से दस्तावेज निकाल रहे विक्रम पर गोलियां चलानी शुरू कीं। बाइक चला रहे आरोपी ने भी विक्रम पर गोली चलाई। इसके बाद अन्य हत्यारे भी वहां आए और दनादन गोलियां चलाने लगे। फुटेज में पांच हत्यारे दिख रहे हैं जिनमें से सभी ने विक्रम पर गोलियां चलाईं।

हत्या की खबर लगते ही मृतक के परिजन ने आरोपियोें से संबंध रखने वालों के घर फूंक दिए थे जिससे बम्हेरी गांव में तनाव फैल गया। हत्या के बाद मृतक के पक्ष में आक्रोशितों ने विरोधियों के बन्हेरी गांव में घरों को आग लगा दी। इसमें 26 घर पूरी तरह जल गए और उसमें रखा सामान खाक हो गया। घर में रहने वालों को भागकर गुस्साए लोगों से अपनी जान बचानी पड़ी। गांव में तनाव और हालात को काबू करने के लिए गांव में भारी तादात में फोर्स तैनात है।

हत्या की वजह पुरानी चुनावी रंजिश बताई जा रही है। पुलिस ने चार हत्यारों की पहचान कर ली है। इन्हीं लोगों ने दो साल पहले विक्रम सिंह के चचेरे भाई रामनिवास की हत्या की थी। हत्याकांड में विक्रम सिंह चश्मदीद गवाह थे।

हत्यारोपियों में पीएफ अफसर का नाम
विक्रम की हत्या में पुष्पेन्द्र रावत, अतेन्द्र रावत, बंटी रावत, मुकेश रावत सहित दो अन्य पर हत्या, हत्या की साजिश, बलवा का केस दर्ज किया है। नामजद मुकेश रावत ईपीएफओ में कमिश्नर हैं। दो साल पहले विक्रम के भाई की हत्या में भी मुकेश रावत पर केस दर्ज हुआ था। इस मामले में मुकेश रावत को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी।

हत्यारे विक्रम को जिंदा छोड़ना नहीं चाहते थे। इसलिए उसकी गर्दन से सिर तक 7 गोलियां मारीं। 3 तीन गोलियां छाती में बाई तरफ और एक गोली दाई तरफ मारी।

सरपंच की हत्या के आरोपी इंदौर पीएफ कमिश्नर सहित आरोपियों पर पुलिस ने 5-5 हजार का इनाम घोषित कर दिया है। सरपंच विक्रम रावत की हत्या के सभी आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। मुख्य आरोपी इंदौर पीएफ कमिश्नर मुकेश रावत सहित 5 लोगों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है।

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