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Social media: फेसबुक, इंस्टाग्राम पर फ्रेंड जोड़ने से पहले सावधान ! कोई भी कर सकता है आपको बदनाम

सोशल मीडिया बनी मुसीबत...अपने निकाल रहे डिजिटल प्लेटफार्म पर दुश्मनी

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Social media

ग्वालियर। दुश्मनी की खुन्नस निकालने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाट्सऐप सहित सोशल मीडिया का इस्तेमाल बढ़ा है। खासकर महिलाओं से जुड़े अपराधों में छिपकर दुश्मनी निकालने वालों ने तो सोशल मीडिया को हथियार बना लिया है। साइबर सेल और महिला पुलिस के सामने ऐसी शिकायतें रोज आ रही हैं। इनमें युवतियों और महिलाओं को बदनाम करने के लिए फेक आइडी बनाकर उन पर अनर्गल कमेंट कर बेइज्जत किया जा रहा है।

केस -1

मुरार निवासी युवती के कुछ आपत्तीजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। पीड़िता ने साइबर सेल से शिकायत की। जांच में हरकत उसके परिवारिक परिचित की निकली। आरोपी चाहता था युवती उससे दोस्ती करे। बात नहीं बनी तो उसने युवती के फोटो फेसबुक और सोशल मीडिया के दूसरे प्लेटफार्म पर वायरल कर बदनाम करने की कोशिश की।

केस -2

डबरा निवासी महिला ने शिकायत की थी उसके नाम से फेसबुक फेक आइडी बनाकर उसे बदनाम किया जा रहा है। इसमें भी महिला का पुराना परिचित आरोपी निकाला। खुलासा होने पर केस में राजीनामा हुआ।

लाइक और कमेंट की ललक में फंस रहे

● सोशल मीडिया पर अनजान दोस्त तलाशने की प्रवृति साइबर अपराधियों को बढ़ावा दे रही है।

● फोटो और कमेंट पर लाइक हासिल करने के लिए यूजर्स ऐसे लोगों को फ्रेंड बुक में शामिल करते हैं जिनसे परिचय नहीं होता।

● सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पहचान बनाने के लिए कोशिशें भी यूजर्स के लिए परेशानी का सबब साबित होती है।

छिपे दुश्मनों में अपने ज्यादा

ऐसे मामलों की जांच में बदमाशी करने वालों में ज्यादातर पीड़िताओं के नजदीकियों के नाम उजागर हो रहे हैं। एएसपी राजेश दंडौतिया का कहना है सोशल मीडिया दोस्त बनाने का नया जरिया बना है। इसलिए दुश्मनी निकालने वाले भी इसे हथियार बना रहे हैं। इनमें पीड़िताओं के नजदीकि ज्यादा होते हैं क्योंकि यह लोग सीधे सामने आकर दुश्मनी नहीं निकाल सकते तो खुन्नस निकालने के लिए इस तरह के जरिए का इस्तेमाल कर रहे हैं।

खास बात है जांच में इन आरोपियों की पहचान होने के बाद ज्यादातर मामलों में पीड़िता और उसके परिवार भी आरोपियों पर ठोस कार्रवाई की बजाय दोबारा ऐसी हरकत नहीं करने की नसीहत पर बात खत्म करने की कोशिश करते हैं।