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Sugar Price Hike: दशहरा-दिवाली से पहले चीनी के दामों में लगी आग, टूट गया सालों पुराना रिकॉर्ड

ग्वालियर। त्योहारों की शुरूआत से पहले ही शक्कर की मिठास पर महंगाई की चाशनी चढऩे लगी है। पिछले तीन दिनों के भीतर ही शक्कर के दामों में 2 से 3 रुपए किलो की तेजी आ चुकी है। थोक बाजार में जहां शक्कर के भाव 4180-4250 रुपए प्रति क्विंटल हो गए हैं वहीं फुटकर बाजार ये 43 से 44 रुपए प्रति किलो बिकने लगी है।

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Dussehra-Diwali

इससे पूर्व शक्कर 40 से 41 रुपए प्रति किलो बिक रही थी। शक्कर कारोबारियों की मानें तो उत्पादन में कमी और उत्पादन के महंगा होने के कारण दामों में उछाल देखने को मिल रहा है। आने वाले त्योहारी सीजन में शक्कर के थोक दाम 45 रुपए किलो तक जा सकते हैं।

2500 से 3000 क्विंटल की रोजाना खपत

शहर में आम दिनों में रोजाना की शक्कर की खपत 2500 से 3000 क्विंटल की है। हालांकि त्योहारी सीजन में इसमें 20 फीसदी तक का इजाफा हो जाता है। शहर में उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र से शक्कर की आवक हो रही है।

आगामी त्योहारों को देखते हुए शक्कर मिलों के पास पर्याप्त स्टॉक की कमी होने के कारण आगे दामों में और तेजी होने की उम्मीद है। शक्कर के दाम थोक में 45 रुपए तक पहुंच सकते हैं।

मनीष बांदिल, सचिव, शक्कर-खांडसारी एसोसिएशन

ये बताए जा रहे कारण

शक्कर के दामों में एकदम से उछाल आने के पीछे थोक कारोबारियों का कहना है कि गत वर्ष शक्कर का उत्पादन कम हुआ था और नई पैदावार महंगी पड़ रही है। यानी शक्कर का उत्पादन महंगा पड़ रहा है। इसके साथ ही विदेशी बाजार में भी शक्कर की कीमतें बढ़ी हैं। खेरिज किराना व्यवसायी संघ के अध्यक्ष दिलीप खंडेलवाल ने बताया कि शक्कर के दामों में एकदम से बड़ा उछाल देखने को मिला है, इससे बिक्री पर भी असर दिख रहा है। त्योहारों में यदि तेजी जारी रही तो आमजन को परेशानी आ सकती है।

74,700 रुपए प्रति किलो होने के बावजूद चांदी की मांग

संतान की दीर्घायु की कामना के लिए माताओं की ओर से रखा जाने वाला व्रत संतान सप्तमी 22 सितम्बर को मनाया जाना है। इस दिन माताएं भगवान का पूजन वंदन कर चांदी की चूडिय़ां धारण करती हैं। इसलिए हर साल चांदी की नई चूड़ी खरीदने की परंपरा है। इस साल चांदी के दाम 74,700 रुपए प्रति किलो होने के बावजूद चूड़ियों की बिक्री में कोई कमी नहीं आई है। सराफा कारोबारियों की मानें तो संतान सप्तमी के मौके पर चांदी की बिक्री में 40 से 50 फीसदी तक का इजाफा हो जाता है।

गुरुवार को शहर के सराफा बाजार में पक्की चांदी के दाम 74,700 रुपए प्रति किलो थे। वहीं पिछले साल 21 सितंबर को पक्की चांदी के भाव 58,250 रुपए प्रति किलो थे। यानी साल भर में चांदी 16,450 रुपए प्रति किलो महंगी हो गई है। सराफा कारोबारी गौरव गोयल ने बताया कि बावजूद इसके चांदी की खरीदारी में कोई कमी नहीं है। महिलाओं ने संतान सप्तमी की परंपरा का निर्वहन करने करीब सवा तोले की चांदी की चूडिय़ां, छल्ले और कड़ों की खरीदारी की है।

इस साल चांदी 76,900 रुपए प्रति किलो तक बिक चुकी

चांदी की चमक लगातार बढ़ती जा रही है। इसके दामों की यदि बात की जाए तो इस वर्ष चांदी 76,900 रुपए प्रति किलो तक बिक चुकी है। चांदी के ये दाम सराफा बाजार में 5 मई 2023 को रहे थे।