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सुलभ शौचालय में नशे के सुट्टे, बन गए नशेबाजों के अड्डे

पब्लिक की सहूलित के बने नगरनिगम के सुलभ कॉम्पलेक्स में नशे का खेल चल रहा है

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Drug addicts can be fatal if they stop visitors

सुलभ शौचालय में नशे के सुट्टे, बन गए नशेबाजों के अड्डे

ग्वालियरं। पब्लिक की सहूलित के बने नगरनिगम के सुलभ कॉम्पलेक्स में नशे का खेल चल रहा है। इनके अंदर नशेबाजों की टोलियां बेधडक़ स्मैक और शराब गटक रही हैं। गोरखंधधा इन काम्पलेक्स की देखरेख करने वालों की सांठगांठ से चल रहा है। नशेबाजों की टोली काम्पलेक्स के अंदर होती तो उस वक्त किसी को उसके अंदर नहीं आने दिया जाता है। उसकी देखरेख करने वाले लोगों को काम्पलेक्स की सफाई का हवाला देकर बाहर रोकते है।

नशेबाजी का खेल चिडियाघर के सामने बने सुलभ काम्पलेक्स में सामने आया है। यहां रविवार शाम को चार नशेडी स्मैक के सुट्टे खींच रहे थे। उनकी निगरानी के लिए बाहर कॉम्पलेक्स की देखरेख करने वाला बैठा था। इस दौरान जिसने अंदर जाने की कोशिश की नशेबाजों के साथी ने उसे बाहर ही रोक दिया। काम्पलेक्स के अंदर जाने की बजाए बाहर लघुशंका के लिए कहा।

अंदर चल रहा था नशे का दौर
कॉम्पलेक्स के अंदर शाम को वक्त सफाई क्यों हो रही है, लोग नहीं समझ पाए। लोगों ने शक होने पर अंदर जाकर देखा तो वहां चार नशेडी पाते ( स्मैक पीने में इस्तेमाल होने वाली सिल्वर फॉयल) से स्मैक के सुट्टे खींच रहे थे। रंगे हाथ पकड़े जाने पर नशेबाज काम्पलेक्स के अंदर नशाखोरी करने की वजह नहीं बता पाए। दलीलें दीं कि इधर से निकल रहे थे इसलिए अंदर आकर बैठ गए।

निगरानी की जिम्मेदारी, नशेबाजों का साथी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया काम्पलेक्स में नशे का खेल उसकी देखरेख करने वाले की सांठगांठ से चल रहा है। उसके बुलावे पर ही नशेबाजों की टोली काम्पलेक्स में आती है।

यह हो सकता खतरा
-सुलभ काम्पलेक्स में महिलाओं, युवतियों और बच्चों का आना भी रहता है। नशेबाजों की काम्पलेक्स के अंदर मौजूदगी किसी गंभीर वारदात की वजह साबित हो सकती है।

- नित्य क्रिया से निवृत होने के लिए कॉम्पलेक्स आने जाने वालों के रोक टोक करने पर नशेबाज घातक हो सकते हैं।
इनकी जिम्मेदारी, सब बेखबर

सुलभ काम्पलेक्स की सुरक्षा और रख रखाव की जिम्मेदारी नगरनिगम के अधिकारियों की भी की है। इसके अलावा काम्पलेक्स के केयर टेकर, डब्ल्यूएचओ और वहां रोजमर्रा की जरूरतों का इंतजाम करने वालों की जिम्मेदारी भी है।