
tourist vehicles
ग्वालियर। मध्य प्रदेश से टूरिस्ट वाहनों का दूसरे राज्यों में पलायन रोकने के लिए परिवहन विभाग अब इन वाहनों से लिए जाने वाले टैक्स में कमी करने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक हर महीने लिए जाने वाले 700 रुपए प्रति सीट के टैक्स को 200 रुपए प्रति सीट करने का प्रस्ताव है। इसके लिए प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसमें एक महीन में दावे आपत्तियां मांगी हैं।
बता दें , टूरिस्ट वाहनों के दूसरे राज्यों में पलायन से प्रदेश को काफी नुकसान हो रहा था। प्रदेश में रजिस्टर्ड होने वाले परिवहन यान पर काफी टैक्स बढ़ा दिया था, जबकि पड़ोसी राज्यों में टैक्स काफी कम है। इससे मप्र में वाहन रजिस्टर्ड कराना काफी महंगा पड़ रहा था। अधिक टैक्स से वाहन मालिकों को नुकसान हो रहा था। ऐसे में मप्र से एनओसी लेने के बाद वाहन दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड हो रहे थे। मप्र से 65 फीसदी टूरिस्ट वाहन दूसरे राज्यों में जा चुके हैं। इनका पलायन रोकने के लिए टैक्स कम किया जा रहा है। अधिक टैक्स की वजह से टूरिस्टों पर किराये का बोझ भी आता था।
यह रहेगा टैक्स
● जो वाहन तीन राज्यों से होकर गुजरते हैं, उन्हें नेशनल टूरिस्ट परमिट की जरूरत पड़ती है। इन वाहनों को हर महीने प्रदेश में प्रति सीट 700 रुपए चुकाने पड़ते थे, इसे 200 रुपए करने का प्रस्ताव है।
● दूसरे राज्यों के वाहन प्रदेश में रजिस्टर्ड होना चाहते हैं, उनसे भी 200 रुपए प्रति सीट टैक्स लिया जाएगा।
● स्कूल बस का टैक्स यथावत रखा गया है। प्रति सीट एक रुपए हर महीना टैक्स लिया जाएगा।
● परिवहन यान पर लिया जाने वाला लाइफ टाइम टैक्स भी अब किस्तों में जमा कर सकते हैं।
प्रदेश से एनओसी लेकर टूरिस्ट वाहन दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड हो रहे थे। करीब 65 फीसदी वाहन एनओसी ले चुके हैं। टैक्स कम करने पर दावे आपत्तियां मांगी हैं। अंतिम अधिसूचना के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
अरविंद सक्सेना, अपर आयुक्त परिवहन विभाग
Published on:
26 May 2023 12:36 pm
बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
