
मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का एक बार फिर दर्द सामने आ गया। इस बार उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार का चुनाव चुनौतियों से नहीं, पनौतियों से है। लेकिन अति आत्मविश्वास में नहीं आना है, आत्मविश्वास घातक होता है, जीती हुई बाजी भी हार जाते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण मैं स्वयं हूं।
ग्वालियर में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का विधानसभा चुनाव में हार का दर्द छलक पड़ा। चुनाव कार्यालय के उद्घाटन पर उन्होंने कार्यकर्ताओं को नसीहत दी कि अति आत्मविश्वास में न रहें। इसका सबसे बड़ा उदाहरण मैं स्वयं हूं, जो विधानसभा चुनाव हार गया। इस बार लोकसभा चुनाव चुनौतियों से नहीं है, बल्कि पनौतियों से हैं। कांग्रेस पर कटाक्ष उन्होंने कहा, कांग्रेस में भगदड़ मची है और पके-पकाए कार्यकर्ता पार्टी छोड़ रहे हैं। कांग्रेस को डीहाइड्रेशन हो गया है। राहुल गांधी यदि भगदड़ का मजा लेना चाहें तो तो एक दिन मध्यप्रदेश में बिताएं।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) ने कहा, इतिहास देखें तो मानसिंह तोमर, तानसेन, माधौ महाराज, वाजपेयीजी, राजमाता सिंधिया ने सदैव ग्वालियर को पहली पंक्ति में रखा। सिंधिया ने कहा, भाजपा के कार्यकर्ताओं को होश और जोश दिखाना होगा, तभी हम कांग्रेस को विधानसभा चुनाव की तरह बेहोश कर देंगे। आयोजन में प्रत्याशी भारत सिंह कुशवाह, विवेक नारायण शेजवलकर, लाल सिंह आर्य मौजूद थे।
दिसंबर में विधानसभा चुनाव हारने के बाद नरोत्तम मिश्रा का दर्द उस समय भी छलका था। तब उन्होंने दतिया में कार्यकर्ताओं से कविता के अंदाज में कहा था कि क्या हार में क्या जीत में, किंचित नहीं भयभीत मैं। कर्म पथ पर जो भी मिला, यह भी सही वह भी सही। मैं लौटकर आउंगा यह वादा है।
Updated on:
05 Apr 2024 12:29 pm
Published on:
05 Apr 2024 12:27 pm
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