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तीन दिन पहले डाली अलाव की लकड़ी, उसी के सहारे रैन बसेरा

हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में तीन घंटे ही अलावा जला रहा नगर निगम

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तीन दिन पहले डाली अलाव की लकड़ी, उसी के सहारे रैन बसेरा

तीन दिन पहले डाली अलाव की लकड़ी, उसी के सहारे रैन बसेरा

ग्वालियर. हड्डी कंपा देने वाली सर्दी में नगर निगम तीन घंटे के लिए अलाव जला रहा है। उसमें भी लोगों के साथ फरेब हो रहा है। जिन इलाकों पर लोगों की नजर है वहां तो अलाव के लिए पर्याप्त लकड़ी दी गई है, जिन जगहों पर निगरानी का खुटका कम है वहां सिर्फ दिखावा ही है। गुरुवार रात को पत्रिका एक्सपोज टीम ने सरकारी अलाव का जायजा लिया तो बस स्टैंड रैन बसेरा पर तो तीन दिन पहले अलाव के लिए लकड़ी दी गई थी। उसके बाद नहीं भेजी गई।
जहां निगरानी वहां ठीक, बाकी जगह दिखावा
गुरुवार रात 7:45 बजे फूलबाग पर अलाव जल रहा था। सर्दी से बचने के लिए राहगीरों की टोली बैठी थी। लोगों का कहना था अलाव मिल गया तो सर्दी से राहत मिल गई। थोड़ी देर आंच के पास बैठकर फिर अपने ठिकाने पर जाएंगे। यहां लकड़ी पर्याप्त मात्रा में थी, लेकिन थोड़ी दूर प्लेटफॉर्म नंबर 4 के बाहर दूसरे सेंटर पर अलाव सिर्फ दिखावा था। यहां लकड़ी का आधा फट्टा और तीन टुकड़े सुलग रहे थे। सर्दी से बचने के लिए यहां भी चार पांच लोग थे। उनका कहना था एक घंटे पहले नगर निगम की गाड़ी लकड़ी डाल गई है, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं है। रात के साथ सर्दी बढ़ेगी स्टेशन पर पूरी रात लोगों की आवाजाही रहती है। यह अलाव तो थोड़ी देर में ठंडा हो जाएगा।इतनी लकड़ी तो डाली जाती जिससे लोगों को कुछ देर राहत मिलती।
शाम 7 से 10 बजे तक जलते अलाव
नगर निगम के पार्क नोडल अधिकारी मुकेश बंसल का कहना है अलाव शाम 7 से 10 बजे तक जलाए जाते हैं। इसके लिए शहर में 30 जगहों पर रोज लकड़ी डाली जाती है। इनमें 9 रैन बसेरे भी शामिल हैं।
3 दिन पहले लकड़ी दी, फिर कोई नहीं आया
बस स्टैंड रैन बसेरा पर मौजूद लोगों ने बताया तीन दिन पहले नगर निगम की टीम लकड़ी डाल गई थी। उसके बाद कोई नहीं आया। कुछ टुकड़े बचा लिए थे उसके सहारे ही सर्दी से जूझ रहे हैं। यह लकड़ी भी इसलिए मिल गई थी कि नगर निगम के अधिकारी आए थे उनसे कहा था सर्दी से बचाव का इंतजाम करा दें।