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ये पुलिस का ’कार’नामा … थानों में जब्त वाहनों में यह इकलौती कार जिस पर कवर

20 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले चार चतुर की जब्त कार को कवर से ढंककर संभाल रही पुलिस

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The accused's car inside the cover in the police station

ये पुलिस का ’कार’नामा ... थानों में जब्त वाहनों में यह इकलौती कार जिस पर कवर

ग्वालियर। अपराधी कितना भी चतुर हो पुलिस से नहीं बच सकता, कहावत आमतौर पर कही जाती है। लेकिन प्लॉट के बदले प्लॉट और जमीन खरीद पर कैश बैक का आफर देकर 20 करोड़ रूपये से ज्यादा ठगने वाली चार चतुर एसोसिएट (सीसीए )पुलिस की होशियारी पर सवाल खड़े कर रही है। थाने के सामने ठगी का दफ्तर चलाने वाले तो पकड़ से बाहर हैं। अब उनकी लक्जरी गाडिय़ों की पुलिस अब देखभाल जरूर कर रही है। ठगी में वांटेड की लक्जरी कार को पड़ाव पुलिस ने पकडृा है। धूल और धूप गाड़ी का रंग रोगन खराब नहीं करे। इसलिए थाने में उसे कवर चढ़ाकर खड़ा किया गया है। यह शायद पहला मौका जब आरोपी की गाड़ी की पुलिस को चिंता है।

विधानसभा चुनाव में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को बदला गया है तो ठग कंपनी चार चतुर एसोसिएट की फाइलें भी पलटी जा रही है। कहानियां खुल रही हैं जालसाज भी धर जाते, ठगे गए लोगों का हिसाब किताब भी हो जाता, लेकिन करोड़ों की ठगी करने वालों ने राजनीति में दखलरखने वालों से लेकर पुलिस और प्रशासन में गोटियां बैठा रखी हैं। शायद इसीलिए ठगों का रसूख पुलिस पर दिख रहा है।

न नापतौल और न ही कोई कसावट

सीके उपाध्याय कहते हैं उन्हें भी ठगा गया है। पुलिस और प्रशासन सबसे शिकायतें की हैं। एक बार सभी पीडि़तों ने खरीदी जमीन की नापतौल की मांग की। तमाम जददोजहद के बाद आरआइ और पटवारी को मौके पर ले गए। लेकिन उनके पहुंचने से पहले ठगों का पाटर्नर रामवीर गुर्जर वहां मौजूद मिला। उसने सरकारी टीम की खातिरदारी की उनके सामने पीडि़तों को खुलकर धमकाया। आरोपियों के रसूख का असर साफ है। पड़ाव थाने में रामवीर की करीब 1.25 करोड़ कीमत की लक्जरी कार खड़ी है। इसे पुलिस ने कवर से ढांक कर खड़ा किया है। इस गाड़ी के बाजू में कई और कार भी खड़ीं है। इन्हें भी पकड़ा गया है। लेकिन इन गाडयि़ों की चिंता नहीं है। यह सब लावारिस हालत में खड़ी हैं।

थाने में कवर के अंदर आरोपी की कार

केस के विवचेक रहे एसआइ मुकेश शर्मा कहते हैं ठगी का धंधा अजय जादौन, अशोक कुशवाह, नारायण दास राठौर और गणेश ओझा ने जमाया था। इसमें रामवीर गुर्जर भी पाटर्नर हो गया। नए ऑफर बताकर लगभग 20 करोड़ से ज्यादा पैसा ठगा। आरोपी रामवीर की तलाश में दबिश दी थी। वह तो भाग गया उसकी कार थाने ले आए थे। आरोपी के मिलने पर गाड़ी का निकाल होगा। इसलिए उसे कवर चढ़ाकर रखा है।