
स्वास्थ्य मंत्री बोले आप लोग निडर होकर काम करें, पीछे मैं खड़ा हूं, फिर सामने आई ये सच्चाई
ग्वालियर। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट का सोमवार को शिवपुरी में दौरा था, इसलिए जिला अस्पताल में सुबह से व्यवस्थाएं चाक चौबंद की जा रहीं थीं, लेकिन रात में जब मंत्री अस्पताल पहुंचे,तो कई बड़ी खामियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान मंत्री जिस मरीज के पास रुके,उनमें से किसी के बेड पर केसशीट नहीं थी, तो कहीं ड्यूटी डॉक्टर को ही आवाज लगाते रह गए। मंत्री शिवपुरी पहुंचते ही सबसे पहले मृतक बालचंद्र लोधी के घर पहुंचे,जहां उन्होंने परिवार के सदस्यों से चर्चा की।
स्वास्थ्य मंत्री सोमवार रात पौने आठ बजे जिला अस्पताल पहुंचे,उन्होंने सबसे पहले मेटरनिटी विंग का निरीक्षण किया। उन्होंने सीएएमचओ डॉ. एएल शर्मा से कहा,अब तो डॉक्टर पर्याप्त होंगे, एनएचएम व बॉन्ड पर डॉक्टरों की भर्ती की है। सीएमएचओ ने पहले तो कहा, 11 यहां भेजे,लेकिन उनमें से कुछ आए नहीं। मंत्री ने कहा, आप व कलेक्टर उनसे संपर्क करें डॉक्टरों को बुलवाएं। मंत्री जब लेडी डॉक्टर व नर्सों से कह रहे थे कि आप लोग निडर होकर काम करें, पीछे मैं खड़ा हूं, लेकिन लापरवाही बर्दाश्त नहीं करूंगा। यह सुनकर चिकित्सीय स्टाफ खुश हो गया, तभी मीडिया ने बताया, अभी चार दिन में दो प्रसूताओं की मौत इसी अस्पताल में लापरवाही के चलते हो गई, तो पूरे स्टाफ के चेहरे की हवाईयां उड़ गईं। मंत्री भी यह कहते हुए आगे बढ़ गए कि अब व्यवस्थाएं सुधरेंगीं।
भर्ती प्रसूता व उसके कमजोर बच्चे को देखकर मंत्री ने कहा, यह तो बहुत कमजोर है, इसे एसएनसीयू में भर्ती क्यों नहीं कराया, बच्चे की मां का हीमोग्लोबिन पूछा तो पलंग पर उसकी केसशीट नहीं मिली। गैलरी में एक अन्य भर्ती महिला से मंत्री ने कहा, इन्हें क्या हुआ है?,तो वहां पदस्थ ड्यूटी डॉक्टर ही नदारद मिले। प्रभारी सीएस डॉ. एमएल अग्रवाल ने कहा, जब प्रबंधन को पता है कि मंत्री यहां आ रहे हैं, तो फिर भी यहां डॉक्टर नहीं है। मंत्री की फटकार के बाद डॉक्टर की तलाश की गई, लेकिन वो नहीं मिले।
जब मंत्री के पैरों में गिरी महिला
आईसीयू का जब मंत्री निरीक्षण करके बाहर निकले तो महिला ने पैरों में सिर रखते हुए कहा, बेटे की तबियत खराब हो रही है, डॉक्टर सुन नहीं रहे हैं। मंत्री महिला को साथ लेकर बेटे के पलंग पर पहुंचे तथा डॉक्टर्स को निर्देश दिए कि इसका बेहतर उपचार करें।
लिफ्ट पर पहुंचे मंत्री, पूछा चालू है क्या?
जिला अस्पताल में स्थित मेडीकल कॉलेज विभाग में पहुंचे मंत्री ने वहां लगी लिफ्ट के पास पहुंचकर कहा कि चलो हम लिफ्ट से ही चलकर देखते हैं, तो उसके लॉक की चाबी नहीं मिली। तब मंत्री ने सीएमएचओ से पूछा कि यह चालू है या नहीं, तो उन्होंने कहा कि चालू है। मंत्री ने पूछा कि अस्पताल में कितने वाटर कूलर लगे हैं?, यहां पानी की टंकियां कितनी हैं?, तो सीएमएचओ ने चार वाटर कूलर तो बता दिए, लेकिन टंकियों की संख्या बताने की बजाए वे प्रभारी सीएस से पूछने लगे। यह देखकर मंत्री ने कहा कि आप सीएमएचओ हैं, फिर भी आपको यह पता नहीं है। इसके बाद मंत्री ने ऊपरी मंजिल में भर्ती मरीजों का हालचाल भी पूछा।
सीएमएचओ की फिसली जुबान
मंत्री ने सीएमएचओ सहित प्रभारी सीएस से कहा कि डेंगू और मलेरिया बहुत तेजी से फैल रहा है, आप लोग इसके लिए पूरी तरह से मुस्तैद रहें। यह सुनकर सीएमएचओ ने मंत्री से कहा कि आपके आशीर्वाद से पिछले साल तो डेंगू के बहुत मरीज मिले थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। सीएमएचओ की यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग भी हंस पड़े कि क्या मंत्री के आशीर्वाद से शिवपुरी में डेंगू के मरीज मिले थे।
Published on:
22 Oct 2019 02:28 pm
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