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ग्वालियर में खुलेगा यूआईडी सेंटर, अब आधार के लिए भोपाल-दिल्ली की दौड़ होगी खत्म

आधार कार्ड बनवाने और उसमें सुधार के लिए अब शहरवासियों को भोपाल या दिल्ली का रुख नहीं करना पड़ेगा। भोपाल-इंदौर की तर्ज पर ग्वालियर में भी यूआईडी सेंटर को मंजूरी मिल गई है। मेला ग्राउंड के पीछे विवेक नगर में यह सेंटर 15 मार्च से काम शुरू कर देगा। शुरुआत में यहां पांच कंप्यूटर लगाए […]

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आधार कार्ड बनवाने और उसमें सुधार के लिए अब शहरवासियों को भोपाल या दिल्ली का रुख नहीं करना पड़ेगा। भोपाल-इंदौर की तर्ज पर ग्वालियर में भी यूआईडी सेंटर को मंजूरी मिल गई है। मेला ग्राउंड के पीछे विवेक नगर में यह सेंटर 15 मार्च से काम शुरू कर देगा। शुरुआत में यहां पांच कंप्यूटर लगाए जाएंगे। यदि भीड़ बढ़ती है तो कंप्यूटर की संख्या बढ़ाई जाएगी। अब तक आधार में छोटी-छोटी त्रुटियों के कारण बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त हो रहे थे। ज्ञात है कि ग्वालियर में बन रहे आधार कार्डों में करीब 35 से 40 प्रतिशत आवेदन रद्द हो रहे हैं। नतीजा लोगों को 15-20 दिन बाद फिर से लाइन में लगना पड़ता था।

स्कूलों में प्रवेश के लिए आधार अनिवार्य है, वहीं सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी इसकी जरूरत पड़ती है। आधार को लेकर लोग काफी परेशान रहते थे। छोटी-छोटी गलतियों को सुधारने के लिए घंटों कतार में लगना पड़ता था, जबकि भोपाल व इंदौर में ऐसी स्थिति नहीं थी। इसके चलते कलेक्टर रुचिका चौहान ने भोपाल इंदौर का फीडबैक लिया और ग्वालियर में आधार यूआईडी सेंटर खोलने का प्रस्ताव तैयार भेजा गया। स्कूल प्रवेश से पहले केंद्र खोलने की मंजूरी मिल गई।

आवेदन निरस्त सबसे बड़ी समस्या,

- शहर सहित जिले में जो केंद्र संचालित थे, उनमें आधार आवेदन निरस्त की सबसे बड़ी समस्या थी। जब आवेदन निरस्त होने के बाद व्यक्ति कलेक्ट्रेट पहुंचता है और किस वजह से आधार निरस्त हुआ है, उसकी जानकारी लेने के लिए दिल्ली में संपर्क करना पड़ता है। इसके लिए मेल भेजना पड़ता है। लंबी प्रक्रिया का सामना करना पड़ता था।

- आधार के कॉमन सेंटर में यूआईडी का कर्मचारी बैठता है। इसका सीधा संपर्क दिल्ली में रहता है। यदि कोर्ई कमी है तो वह स्थानीय स्तर पर सुधार देता है। ग्वालियर में स्थानीय स्तर पर कमी सुधारने की व्यवस्था नहीं है।

इन कारणों से हो रहे है निरस्त

- कागजों की स्कैनिंग ठीक से नहीं हुई।

- नाम में अंतर होने पर।

- व्यक्ति के पता में अंतर होने पर।

-- सबसे ज्यादा दिक्कत उन बच्चों को आ रही है, जिनके आधार जन्म के तुरंत बाद बन गए हैं। उस वक्त आधार में नाम नहीं लिखा गया है।

- कॉमन सेंटर मंजूर हो गया है। 15 मार्च से काम शुरू हो जाएगी। ऑफिस भी तय हो गया है। आधार बनवाना आसान होगा।

रुचिका चौहान, कलेक्टर