
राजस्थान की गर्म हवाओं ने बढ़ाया पारा, अंचल में बुंदेलखंड के बाद सबसे ज्यादा तप रहा ग्वालियर-चंबल
ग्वालियर. जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने और उत्तर प्रदेश में बने चक्रवातीय घेरे के कारण शहर एक बार फिर भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है। यूपी का यह चक्रवातीय घेरा नमी न मिलने के कारण राजस्थान की सूखी व गर्म हवाओं को अपनी ओर खींच रहा है। इसी के चलते बुधवार को सुबह 8:30 बजे से ही गर्म हवाओं का दौर शुरू हो गया, जो दोपहर होते-होते 'आग की बरसात' में बदल गया। दोपहर में शहर की सड़कें तवे जैसी तपती नजर आईं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, पारा 43.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है और शहर तेजी से 'हीटवेव' (लू) की ओर बढ़ रहा है। अंचल वासियों को इस पूरे हफ्ते इसी तरह की भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। प्रदेश में बुंदेलखंड के बाद ग्वालियर चंबल संभाग में सबसे ज्यादा गर्मी रही है। मौसम विभाग ने 12 जून को भीषण गर्मी व आंधी का अलर्ट जारी किया है। ट्रिपिंग और फॉल्ट ने छुड़ाए पसीने, वोल्टेज भी हुआ डाउन
गर्मी का सीधा असर शहर की बिजली व्यवस्था पर देखने को मिला है। घरों और दफ्तरों में एसी-कूलर लगातार चलने से बिजली की खपत अचानक काफी बढ़ गई है। लोड बढ़ने के कारण शहर के कई इलाकों में वोल्टेज फ्लक्चुएशन (उतार-चढ़ाव) की समस्या देखी गई। वहीं, अघोषित ट्रिपिंग और फॉल्ट ने उमस व गर्मी से बेहाल लोगों की परेशानी को दोगुना कर दिया।
बाजारों में पसरा सन्नाटा, कारोबार भी प्रभावित
सड़कों पर थमी रफ्तार: दोपहर के वक्त तीखी धूप और लू के थपेड़ों के कारण लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, जिससे मुख्य मार्गों पर आवाजाही बेहद कम रही।
व्यापार प्रभावित: गर्मी का सीधा असर शहर के कारोबार पर पड़ा है। दोपहर के समय सराफा, बाड़ा और मुरार जैसे प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है।
रात में भी राहत नहीं: सूरज ढलने के बाद भी लोगों को गर्मी से निजात नहीं मिल पा रही है। सूर्यास्त के बाद भी देर रात तक गर्म हवाएं चल रही हैं।
मौसम का मीटर: ऐसे बढ़ता गया दिन का पारा
Updated on:
11 Jun 2026 11:17 am
Published on:
11 Jun 2026 11:17 am
