
साइबर ठग
ग्वालियर. शेयर बाजार में कम भाव में शेयर दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने हरिशंकर पुरम निवासी एक डॉक्टर को ढाई लाख रुपए की चपत लगा दी। पीड़ित जब अपनी रकम निकालने लगा, तो जालसाजों ने 7.50 लाख रुपए और जमा करने का दबाव बना दिया। ठगी का अहसास होने पर डॉक्टर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं शहर में बीते कुछ दिनों में ऑनलाइन फ्रॉड के दो अन्य मामले भी सामने आए हैं, जिनमें ओटीपी और मोबाइल अपडेटिंग के नाम पर खाते साफ कर दिए गए। झांसी रोड थाना क्षेत्र के ओमशांति अपार्टमेंट (हरिशंकर पुरम) निवासी डॉ. शैलेन्द्र कुमार के पास 7 अगस्त को वाट्सऐप पर 'हार्दिक डोसी मेन नाम से एक लिंक आई थी। इसमें बाजार भाव से काफी कम दर पर शेयर दिलाने का ऑफर दिया गया। झांसे में आकर डॉक्टर ने 7 अगस्त को 50 हजार, 9 अगस्त को 50 हजार, 10 अगस्त को 50 हजार और 11 अगस्त को 1 लाख रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने अपनी जमा पूंजी और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो ट्रांजेक्शन फेल हो गया। संपर्क करने पर ठग ने कहा, रकम तभी विड्रॉ होगी, जब वे 7.50 लाख रुपए और लगाएंगे। पैसे वापस मांगने पर जालसाज ने बातचीत बंद कर दी।
बिना ओटीपी शेयर किए क्रेडिट कार्ड से उड़े 98,500 रुपये
पिंटो पार्क निवासी मनीष चौहान के साथ 4 अगस्त की दोपहर ऑनलाइन ठगी हुई। दोपहर 12:43 बजे उनके मोबाइल पर एक ओटीपी आया। मनीष ने किसी से ओटीपी साझा नहीं किया, फिर भी कुछ ही देर में उनके क्रेडिट कार्ड से 98,500 रुपए कटने का मैसेज आ गया। इसके तुरंत बाद बैंक से कंफर्मेशन कॉल आई, जिस पर मनीष ने लेन-देन की जानकारी से इनकार करते हुए फौरन कार्ड ब्लॉक करवाया।
डेढ़ घंटे तक अपडेट मोड में रहा फोन, फिर खाते से निकल गए 25 हजार
सिरोल थाना क्षेत्र के डोंगरपुर निवासी किराना कारोबारी सूरज कुमार का मोबाइल 17 अगस्त को अचानक करीब डेढ़ घंटे के लिए 'अपडेटिंग मोड पर चला गया। स्क्रीन सामान्य होने पर जब उन्होंने फोन-पे चेक किया, तो केनरा बैंक खाते से 25 हजार रुपए कटने का मैसेज दिखा। सूरज ने बिना देर किए सीधे बैंक पहुंचकर खाता होल्ड कराया और साइबर सेल को सूचना दी।
Updated on:
6 Sep 2026, 5:57 PM IST
Published on:
6 Sep 2026, 5:56 PM IST
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