3 जून 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ग्वालियर : 16.5 करोड़ की व्हाइट टॉपिंग सड़क बनी आफत, खुले सरिए, धूल और हादसों के बीच जनता बेहाल

ग्वालियर। शहर में करोड़ों रुपए की लागत से बनाई जा रही व्हाइट टॉपिंग सड़क लोगों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बन गई है। करीब 16.5 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की जा रही इस सड़क पर निर्माण कार्य की खामियों ने आम नागरिकों, वाहन चालकों और स्थानीय व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जगह-जगह खुले सरिए, उखड़ी निर्माण सामग्री, उड़ती धूल और अधूरे कार्य के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

2 min read
Google source verification
निर्माण में लापरवाही के आरोप, अधूरी सड़क से राहगीरों और व्यापारियों की बढ़ी परेशानी

निर्माण में लापरवाही के आरोप, अधूरी सड़क से राहगीरों और व्यापारियों की बढ़ी परेशानी

निर्माण में लापरवाही के आरोप, अधूरी सड़क से राहगीरों और व्यापारियों की बढ़ी परेशानी

ग्वालियर। शहर में करोड़ों रुपए की लागत से बनाई जा रही व्हाइट टॉपिंग सड़क लोगों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बन गई है। करीब 16.5 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की जा रही इस सड़क पर निर्माण कार्य की खामियों ने आम नागरिकों, वाहन चालकों और स्थानीय व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जगह-जगह खुले सरिए, उखड़ी निर्माण सामग्री, उड़ती धूल और अधूरे कार्य के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण शुरू होने के बाद से आवाजाही प्रभावित है। कई स्थानों पर सरिए खुले छोड़ दिए गए हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा है। रात के समय पर्याप्त संकेतक और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है।

धूल से बढ़ी परेशानी

निर्माण कार्य के दौरान नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से सड़क पर धूल का गुबार उड़ रहा है। इससे आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धूल के कारण सांस संबंधी समस्याओं की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहकों की आवाजाही कम होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।

हर दिन हादसे का डर

राहगीरों और वाहन चालकों के अनुसार कई जगह सड़क का स्तर असमान है। कहीं गड्ढे हैं तो कहीं निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है। खुले सरिए और अधूरी फिनिशिंग के कारण लोग चोटिल भी हो चुके हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रही है।

जनता पूछ रही सवाल

16.5 करोड़ रुपए की बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद सड़क की स्थिति पर लोग सवाल उठा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की उचित निगरानी होती और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने तथा जल्द से जल्द सड़क को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से पूरा कराने की मांग की है।

समय पर सुधार नहीं हुआ तो बढ़ सकती हैं समस्याएं

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपायों को तत्काल नहीं बढ़ाया गया और अधूरे हिस्सों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है। साथ ही धूल और अव्यवस्था के कारण आसपास के रहवासियों की परेशानी भी लगातार बढ़ती जाएगी। जनता अब उम्मीद कर रही है कि करोड़ों रुपए की इस परियोजना का लाभ उन्हें सुरक्षित और बेहतर सड़क के रूप में जल्द मिल सके।

बड़ी खबरें

View All

ग्वालियर

मध्य प्रदेश न्यूज़

ट्रेंडिंग