26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

MP के इस क्षेत्र में चुनाव लडऩे में बड़ी महिलाओं की रूचि, लेकिन घट गया वोट डालने का प्रतिशत

MP के इस क्षेत्र में चुनाव लडऩे में बड़ी महिलाओं की रूचि, लेकिन घट गया वोट डालने का प्रतिशत

2 min read
Google source verification
mp election 2018

MP के इस क्षेत्र में चुनाव लडऩे में बड़ी महिलाओं की रूचि, लेकिन घट गया वोट डालने का प्रतिशत

ग्वालियर। प्रदेश में राजनीति में महिलाओं की रुचि तेजी से बढ़ी है, चुनाव लडऩे के लिए भी वह आगे आ रही हैं, लेकिन इसके उलट अपना जनप्रतिनिधि चुनने में उनका रुझान तेजी से घटा है। 1977 से 1998 तक विधानसभा चुनाव में वोट डालने में महिलाओं की रुचि बढ़ती गई, लेकिन 2003 के चुनाव में 1998 के चुनाव से आधी महिलाएं ही मतदान केन्द्रों तक पहुंचीं। उसके बाद के दो चुनाव में कुछ रुझान बढ़ा, लेकिन आशानुकूल नहीं रहा। यह स्थिति तब है जब सरकार महिलाओं के लिए तमाम योजनाएं चला रही है। वोट डालने के लिए महिलाओं को प्रेरित करने समय-समय पर राजनीतिक दल प्रयास करते रहे हैं।

यह भी पढ़ें: कांग्रेस की सूची लीक : दावेदारों में मची हलचल, हकीकत जानने पसंदीदा नेताओं को फोन लगाते रहे दावेदार

यह भी पढ़ें: राहुल के रोड शो का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान देंगे जवाब,यह है पूरा प्लान

बढ़ती-घटती रही है पुरुषों की संख्या
आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो स्पष्ट दिखाई देता है कि प्रदेश में पिछले तीन विधानसभा चुनावों में महिलाओं की रुचि सरकार बनाने में लाभकारी योजनाएं लागू होने के बाद भी नहीं बढ़ पा रही है, जबकि केन्द्र और प्रदेश के मंत्रिमंडल में महिलाओं को मंत्री बनाकर बराबरी का दर्जा देने का प्रयास भाजपा ने कांग्रेस की अपेक्षा अधिक किया है। विधानसभा चुनाव के आंकड़े देखे जाएं तो पुरुष मतदाताओं की संख्या में उतार-चढ़ाव चलता रहा है।

यह भी पढ़ें: 5 घंटे की चर्चा के बाद कांग्रेस से इनका टिकट हुआ फायनल, 22 को हो सकता है ऐलान

अंचल से किया विधानसभा में प्रतिनिधित्व: वैजयन्ती वर्मा, इमरती देवी सुमन, यशोधरा राजे सिंधिया, संध्या राय, मायासिंह, शकुंतला खटीक आदि।

चुनाव लडऩे वाली महिलाओं की संख्या बढ़ी
1998 में हुए विधानसभा चुनाव के आंकड़े बताते हैं कि उस समय ग्वालियर-चंबल संभाग में केवल 6 महिलाएं चुनाव लडकऱ विधानसभा में पहुंची थीं। 2003 में 11, 2008 में 13 और 2013 में 22 महिलाओं ने अपना भाग्य विधानसभा चुनाव में आजमाया था। यह बात अलग है कि पिछले चुनाव में 22 में से ग्वालियर-चंबल संभाग में मायासिंह, यशोधरा राजे और इमरती देवी सुमन ही चुनाव जीतकर विधानसभा चुनाव में पहुंची थीं। 2013 में पूरे प्रदेश में 181 महिलाएं चुनाव लड़ी थीं, जिनमें 26 चुनी गई थीं।

दोनों मुख्य पार्टियां नहीं जुटा पाईं महिला वोटर
कांग्रेस और भाजपा से चुनाव लडकऱ जीतने वाली महिलाएं भी पिछले तीन चुनावों में महिलाओं को पोलिंग बूथ तक नहीं ले जा सकीं।