8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

Hanumangarh: नशा तस्करी मामले में 2 युवक गिरफ्तार, 306 ग्राम गांजा बरामद

हनुमानगढ़ जिले की भिरानी थाना पुलिस 2 गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 306 ग्राम गांजा बरामद हुआ है। कुल तीन लोगों के खिलाफ इस मामले में केस दर्ज हुआ है।

2 min read
Google source verification
hemp

फाइल फोटो- पत्रिका

हनुमानगढ़। भिरानी पुलिस ने बिना नंबर प्लेट मोटरसाइकिल के साथ गांजा तस्करी मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 306 ग्राम गांजा बरामद हुआ है। भिरानी पुलिस की टीम थानाधिकारी सुरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में सोमवार की रात 10 बजे गांव बैर तिराहे सड़क पर जांच कर रही थी। इस दौरान बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल से आ रहे दो युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। जिस पर पुलिस टीम ने घेरा देकर उन्हे रोक लिया।

मोटरसाइकिल चालक मनीष पुत्र विनोद कुमार मेघवाल 19 वर्ष निवासी मोडाखेड़ा पुलिस थाना आदमपुर हरियाणा और मोटरसाइकिल चालक के पीछे बैठे मनीष उर्फ धोलू पुत्र बेलीराम 24 वर्ष निवासी झांसल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मनीष हाथ में गांजा की थैली पकड़ा हुआ था। थैली का मुंह खुला हुआ था, जिसमें काले-भूरे रंग का पत्तीनुमा पदार्थ भरा हुआ मिला।

आरोपी गांजा पीने के आदी

शक के आधार पर थैली की तलाशी ली गई और मौजूद पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपने अनुभव से उसे गांजा के रूप में पहचाना। पूछताछ में आरोपी मनीष व मनीष उर्फ धोलू ने भी पुष्टि की है कि यह पदार्थ गांजा है। दोनों ने स्वीकार किया कि वे गांजा पीने के आदी हैं और इसे बैर गांव स्थित बस्तीनाथ मंदिर के पुजारी वासुदेवानंद भारती से 500 रुपए में खरीद कर ला रहे थे।

3 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

आरोपी के पास एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत आवश्यक लाइसेंस या परमिट नहीं था। बरामद गांजे का इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन किया गया, जिसमें कुल वजन 306 ग्राम पाया गया। गिरफ्तार मनीष ने बताया कि मोटरसाइकिल उसके काका किरसन कुमार की है, जिसे मांगकर लाया है। भिरानी पुलिस ने दोनों गिरफ्तार युवकों के साथ गांजा सप्लाई करने वाले वासुदेवानंद भारती के विरूद्ध एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह भी पढ़ें : मई में उद्घाटन, जून में नल-पाइप गायब, सिर्फ डेढ़ महीने में करणी सिंह स्टेडियम की दुर्दशा