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डॉ रामप्रताप की जगह उनके पुत्र अमित सहू को हनुमानगढ़ में भाजपा की कमान

हनुमानगढ़ से अमित सहू भाजपा के प्रत्याशी डॉ रामप्रताप की जगह उनके पुत्र अमित सहू को हनुमानगढ़ में भाजपा की कमान - सोमवार को समर्थकों के साथ दाखिल करेंगे नामांकन पत्र  

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हनुमानगढ़ में खुशी मनाते भाजपा समर्थक।

हनुमानगढ़ में खुशी मनाते भाजपा समर्थक।

हनुमानगढ़. भाजपा ने लंबे इंतजार के बाद रविवार को आखिरकार हनुमानगढ़ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने प्रत्याशी को घोषित कर दिया है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ रामप्रताप के बड़े पुत्र अमित सहू को हनुमानगढ़ से भाजपा प्रत्याशी घोषित किया गया है। रविवार को नई दिल्ली में जारी भाजपा प्रत्याशियों की सूची में सबसे ऊपर अमित सहू का नाम डिक्लेयर किया गया है। अमित सहू का भाजपा प्रत्याशी के रूप में नाम घोषित होते ही डॉ रामप्रताप के हनुमानगढ़ जंक्शन में कचहरी रोड स्थित निवास पर भाजपा कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। पटाखे बजाकर कार्यकर्ताओं ने खुशी का इजहार किया। भीड़ का सैलाब इतना ज्यादा था मानो जनसभा आयोजित हो। इस अवसर पर अमित सहू ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। अमित सहू ने समर्थकों को संबोधित करते हुए प्रत्याशी बनाए जाने के लिए पार्टी का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह पार्टी और जनता की उम्मीद पर खरे उतरेंगे।


47 वर्षीय अमित सहू लंबे समय से भाजपा में सक्रिय थे लेकिन कभी कोई दायित्व पार्टी में उन्होंने नहीं लिया था। वह इससे पहले कभी पंचायत राज अथवा नगर निकाय का चुनाव भी नहीं लड़े। उन्हें सीधे एमएलए चुनाव में पार्टी ने टिकट दिया है। हनुमानगढ़ में 1993,199८, 2003, 2008, 2013 और 2018 में डॉक्टर रामप्रताप चुनाव लड़ चुके हैं। इस बार 75 प्लस को पार्टी के टिकट नहीं देने के नीतिगत निर्णय के बाद से अमित सहू को टिकट मिलने की चर्चाएं चल रही थी। यह चर्चाएं रविवार को हकीकत में बदल गई। हनुमानगढ़ से पहली बार तीन अन्य व्यक्ति भी सशक्त दावेदार थे। जिनमें सभापति गणेश राज बंसल, संगरिया से पूर्व विधायक कृष्ण कड़वा और सेवानिवृत एपीपी सुरेंद्र जालंधर दावेदार थे।

कांग्रेस के प्रत्याशी बने अजीत बेनीवाल

भादरा. कांग्रेस ने भादरा विधानसभा क्षेत्र से शनिवार को प्रत्याशियों की सूची जारी करते हुए विधानसभा भादरा के गांव गांधीबड़ी निवासी अजीत बेनीवाल को अपना प्रत्याशी बनाया है। अजीत बेनीवाल स्नातक तक शिक्षित होने के साथ युवा चेहरा है। कांग्रेस युवा चेहरे पर विलम्ब से अपना दाव खेला है। अजीत बेनीवाल के पिता भीमसिंह बेनीवाल व उनकी पत्नी धापादेवी दोनों ही ग्रामीण जनप्रतिनिधि के रूप रहने के साथ-साथ उनके पिता भीमसिंह बेनीवाल भाजपा-इनेलो संयुक्त गठबन्धन के भादरा विधानसभा से 2008 में प्रत्याशी रहे थे। भाजपा के प्रत्याशी संजीव बेनीवाल रिश्ते में अजीत बेनीवाल के चाचा लगते हैं। भीमसिंह बेनीवाल व संजीव बेनीवाल के पिता दोनों सगे भाई है। इनके दोनों के मकान गांव गांधीबड़ी में आमने-सामने ही है। अजीत बेनीवाल के चुनाव मैदान में उतरने को लेकर निराश कांग्रेस कार्यकर्ताओं में एक नया उत्साह सामने आया है। वहीं पर अन्य प्रत्याशी दावेदार भीमसिंह बेनीवाल के समर्थन में लग गए हैं। टिकट मिलने के बाद अजीत बेनीवाल को दिल्ली से जयपुर बुलाया गया है। कांग्रेस प्रत्याशी अजीत बेनीवाल सोमवार को भादरा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल करेंगे। कांग्रेसजनों के एकत्रित होने के चलते वीडीएस पैलेस व भगतसिंह चौक के निकट कांग्रेस का चुनावी कार्यालय शुरू कर दिया है। शहरी ब्लॉक अध्यक्ष रविन्द्र मोठसरा व्यवस्था सम्भाल रहे हैं। कांग्रेस की टिकट विलम्ब से आवंटित होने के कारण कांग्रेस को कुछ नुकसान पहुंचा है। वर्ष 2003 के बाद से कांग्रेस भादरा में अपना खाता नही खोल पाई है।


संगरिया से अभिमन्यु पूनियां को मौका

हनुमानगढ़। कांग्रेस की ओर से शनिवार देर रात्रि जारी छठी सूची में हनुमानगढ़ जिले के भादरा व संगरिया से प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया गया है। संगरिया से युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया को प्रत्याशी बनाया गया है। वह पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले वह एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और जयपुर में राजस्थान विश्वविद्यालय के महासचिव रहे हैं। पूनियां को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद अन्य दावेदारों में से कुछ के निर्दलीय चुनाव लडऩे की सुगबुगाहट हो गई है।