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अच्छी बरसात से होगी फसलों की अच्छी बढ़वार

हनुमानगढ़. जिले में इस बार कपास की अच्छी बिजाई हुई है। करीब दो लाख हैक्टेयर में बिजाई के बाद गर्मी की वजह से फसलें झुलसने की कगार पर पहुंच रही थी।

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अच्छी बरसात से होगी फसलों की अच्छी बढ़वार

अच्छी बरसात से होगी फसलों की अच्छी बढ़वार

-जिले में 108 एमएम बारिश से फसलों को फायदा
-फसलों में सिंचाई पानी की कमी होगी दूर
हनुमानगढ़. जिले में इस बार कपास की अच्छी बिजाई हुई है। करीब दो लाख हैक्टेयर में बिजाई के बाद गर्मी की वजह से फसलें झुलसने की कगार पर पहुंच रही थी। परंतु अब दो दिनों से हो रही बरसात से फसलों को जीवनदान मिला है। सबसे अधिक फायदा कपास की फसल को हो रहा है। बीते 48 घंटों के दौरान 108 एमएम बरसात होने से फसलों में सिंचाई पानी की कमी दूर हो गई है। सर्वाधिक बारिश हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर करीब चालीस एमएम हुई है।
कृषि विभाग के सहायक निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार इस बार विभाग स्तर पर प्रयास किए गए थे कि कपास की बिजाई देरी से हो। ताकि गुलाबी सुंडी का प्रभाव कम हो सके। इसके तहत मई में बिजाई अधिक हुई है। जबकि कपास की अगेती फसल में फूल निकलने शुरू हो रहे हैं। पछेती फसल अभी बढ़वार अवस्था में है। बरसात होने से इनकी बढ़वार अच्छी होगी। पौधों की ऊंचाई भी बढ़ेगी। इससे अच्छे उत्पादन की उम्मीद कर सकते हैं।

गुलाबी सुंडी को रोकने का प्रयास
कपास की फसल में गुलाबी सुंडी का प्रकोप फैलने का समय अगस्त से सितम्बर के बीच रहता है। गुलाबी सुंडी के संक्रमण का एक प्रमुख स्रोत जिनिंग मिल और बिनौलों से तेल निकालने वाली इकाइयां भी होती हैं। इन मिलों में संग्रहीत बिनौलौं में गुलाबी सुंडी कीट सुसुप्त अवस्था में रह सकता है। अनुकूल मौसम में फसल को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए मिल संचालकों को भी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। विभाग स्तर पर खेतों से बनछटियों को हटाने की बात भी किसानों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

ड्रिप का समझ रहे महत्व
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार सिंचाई पानी के संकट से जूझ रहे किसान अब ड्रिप इरीगेशन की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। कुछ कपास उत्पादक किसानों ने खेतों में ड्रिप लगाई है। खेती के आधुनिक तौर तरीके अपनाकर किसान कम पानी में भी अच्छी पैदावार ले रहे हैं। वर्तमान में हो रही बरसात से कपास की फसल को फायदा होगा।