
पुरातत्व विभाग के राष्ट्रीय संरक्षित क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन पर रोक, अब नहीं मिट सकेंगे सभ्यता के निशान
-हनुमानगढ़ तहसीलदार ने भूमि समतलीकरण करण आदेश को किया निरस्त, दो जनों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
हनुमानगढ़. हड़प्पाकालीन सभ्यता के निशान मिटाने वालों के खिलाफ अब जिला प्रशासन सख्त हुआ है। खेत की मिट्टी समतल करने की अनुमति की आड़ में जो किसान पुरातत्व विभाग की राष्ट्रीय संरक्षित क्षेत्र में अवैध रूप से मिट्टी खनन कर रहा था, उसके खिलाफ अब जिला प्रशासन ने कानून का डंडा चलाना शुरू कर दिया है। हनुमानगढ़ तहसीलदार ने उक्त किसान के खेत समतलीकरण को लेकर जारी आदेश को निरस्त कर दिया है। साथ ही पुलिस व पुरातत्व विभाग से कहा है कि वह इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करें। पुरातत्व विभाग की संरिक्षत भूमि में अवैध रूप से मिट्टी खनन का मामला सामने आने के बाद राजस्थान पत्रिका ने लगातार समाचारों का प्रकाशन किया। इसके बाद तहसीलदार हरीश सारण ने मौके पर जाकर स्थिति देखी तो वह दंग रह गए। तहसीलदार हरीश सारण ने बताया कि थानाधिकारी हनुमानगढ़ टाउन, पुरातत्व विभाग के कार्मिकों सहित मैंने मौका निरीक्षण किया। इसके मुताबिक राजस्व रिकॉर्ड किला नंबर सात कृषक की खातेदारी कृषि भूमि है। परन्तु पुरातत्व विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए गए नक्शे अनुसार सात नंबर किले का कुछ भाग साइट नक्शे में शामिल है। राष्ट्रीय महत्व के विषय को देखते हुए एवं प्रार्थी द्वारा कृषि भूमि के समतलीकरण के साथ ही साइट का भी अवैध खनन किया गया है। जो कि पूर्णत: अविधिक है। अत: अनुमति निरस्त की जाकर पुरातत्व विभाग को नियमानुसार कार्यवाही के लिए लिख दिया गया है। दो दिन पहले हड़प्पाकालीन सभ्यता के अहम प्वाइंट एकल-ढोकल से कुछ लोगों की ओर से अवैध रूप से खुदाई करने के दौरान पुलिस ने दो जनो को गिरफ्तार भी किया था।
देश विदेश से आते हैं यहां
पुरा वस्तुओं को संरक्षित रखने को लेकर हनुमानगढ़ जिले के कालीबंगा में राष्ट्रीय स्तर का संग्रहालय बनाया गया है। जहां पर हड़प्पाकालीन करीब 1500 पुरा वस्तुओं को दर्शक गैलरी में रखा गया है। देश व विदेश से लोग यहां आते हैं।
Updated on:
12 Aug 2025 11:07 am
Published on:
12 Aug 2025 11:06 am
