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हनुमानगढ़. विधानसभा चुनाव में जिला मतदान प्रतिशत में अव्वल आए, इसके लिए प्रशासन निरंतर प्रयास कर रहा है। स्वीप प्लान के तहत जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है। बूथ स्तर तक टीम बना कर मतदाताओं को मतदान के लिए पे्ररित किया जा रहा है। जब मतदाता जागरूक हो जाएगा, तो स्वत: ही निष्पक्ष, स्वतंत्र और सर्वाधिक मतदान होने लग जाएगा। यह कहना है जिला कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश चन्द्र जैन का। 'राजस्थान पत्रिकाÓ से बातचीत में उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष कराने तथा चुनावों को धन-बल, जातिवाद व भाषावाद से मुक्त करवाने के लिए कार्य कर रहा है। प्रस्तुत है चुनाव की निष्पक्षता और सर्वाधिक मतदान को लेकर उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश:
- जिले में मतदान को लेकर अब तक क्या तैयारियां की जा चुकी हैं ?
जवाब - निर्वाचन आयोग का फोकस है कि पिछले विधानसभा चुनाव से ज्यादा मतदान इस बार हो। गत चुनावों में भी जिला पूरे राज्य में सर्वाधिक मतदान वाले क्षेत्रों में शुमार हुआ था। इस बार हमारा लक्ष्य है कि जिले की पांचों विधानसभाओं में सर्वाधिक मतदान प्रतिशत हो। गत बार से ज्यादा मतदान प्रतिशत करवाने का लक्ष्य रख कर हम कार्य कर रहे हैं। इसके लिए जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है। बूथ स्तर तक टीम पहुंच रही हैं। वोट गेरो यात्रा निकाली जा रही है। स्कूलों-कॉलेजों में प्रतियोगिताएं, गोष्ठियां आयोजित की जा रही हैं।
- आपने जो विभिन्न टीम गठित की है वे किस तरह कार्य करेंगी ?
जवाब - सर्वाधिक मतदान हो, चुनाव निष्पक्ष, स्वतंत्र हो, इसके लिए अधिकारियों और कर्मियों की टीम बनाई गई है। चुनाव में सर्वाधिक मतदान हो, इसके लिए 'स्पीप प्लानÓ के तहत स्कूल, कॉलेज और विभागीय स्तर पर टीम बनाई गई हैं। आंगनबाड़ी केन्द्रों की सहयोगिनियों और कार्यकर्ताओं को भी इसके साथ जोड़ा गया है। वोट गेरो यात्रा निकाली जा रही है। विधानसभा स्तर पर उपखण्ड अधिकारी के नेतृत्व में टीम बनाई गई है। उल्लेखनीय उपलब्धि वाली हस्तियों को जोड़ा गया है। उन्हें ब्रॉड अम्बेसडर बनाया गया है।
- मतदान प्रतिशत बढ़े, इसके लिए क्या नवाचार हो रहे हैं ?
जवाब - जिले में मतदान प्रतिशत बढ़ाने और नैतिक मतदान की संकल्प दिलवाने के लिए हमने मोबाइल एप बनाया है। इसके तहत कोई भी मतदाता संदेश डाल कर मतदान करने का संकल्प लेगा तो उसे जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र दिया जाएगा। जिले में अभी तक करीब दस हजार व्यक्ति मतदान करने का संकल्प ले चुके हैं और हमने उन्हें प्रमाण पत्र जारी किया है। इसके अलावा मतदान को बढ़ावा देने के लिए जिले का शुंभकर 'वोटूÓ तैयार किया है। यह मतदान के लिए पे्ररित कर रहा है। प्रतिदिन मतदान को बढ़ावा देने का संदेश देता कार्टून पोस्टर जारी किया जा रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से सभी अधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिदिन करीब एक लाख लोगों तक इसे पहुंचा रहे हैं।
- संवेदनशील मतदान केन्द्रों को लेकर क्या तैयारियां हैं ?
जवाब - जिले में 1287 मतदान केन्द्र हैं। इसमें से 170 केन्द्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन पर केन्द्रीय सुरक्षा बलों की टीम रहेगी। वीडियोग्राफर और फोटोग्राफर की नियुक्ति रहेगी। माइक्रो ओब्जर्वर की विशेष नजर रहेगी। संवेदनशील मतदान केन्द्रों को लेकर नामांकन दाखिले के बाद फिर से समीक्षा भी की जाएगी।
- आचार संहिता की पालना कैसे करेंगे सुनिश्चित ?
जवाब - आदर्श आचार संहिता की पालना हर हालात में सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्याशी कितना भी प्रभावशाली हो, उल्लंघन होने पर निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन के अनुसार कार्रवाई जाएगी। चुनाव निष्पक्ष, स्वतंत्र और प्रभावशाली रूप से हों, इसके लिए प्रत्येक विधानसभा के अनुार तीन-तीन टीम बनाई गई है। इसमें एक एसएसटी टीम है। इसमें सिविल आफिसर और एसआई स्तर का पुलिस आफिसर रहेगा। इसमें दूसरी वीएसटी टीम बनाई गई है। सिविल ऑफिसर प्रभारी रहेगा और यह वीडियोग्राफी करेगी। तीसरी एफएसटी टीम रहेगी। इसमें राजपत्रित अधिकारी प्रभारी होगा। यह नौ टीम हर विधानसभा में सूक्ष्मता से नजर रखेंगी। इसके अलावा आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा निर्वाचन अधिकारी (एसडीएम) एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) के नेतृत्व में कमेटियां बनी हुई हैं।
- आचार संहिता उल्लंघन को लेकर कैसे शिकायत दर्ज करवा सकते हैं ?
जवाब - आचार संहिता की पालना करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के नेतृत्व में पहली बार 'सी-विजिलÓ एप बना गया है। मोबाइल में प्ले स्टोर के माध्यम से इसे कोई भी आसानी से अपलोड करके ऑपरेट कर सकता है। इसमें दर्ज शिकायत का अधिकतम सौ मिनट में निस्तारण होगा और शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रहेगी। 'सी-विजिलÓ एप में शिकायतकर्ता अपनी शिकायत लिखित में देगा। इसके साथ फोटो अथवा वीडियो भी अपलोड किया जा सकता है। यह चरणबद्ध रूप से चलेगी और निर्वाचन विभाग की टीम अधिकतम पन्द्रह मिनट में मौके पर पहुंचेगी।
- महिला कार्मिकों की भी पहली बार मतदान कार्य में ड्यूटी लगने जा रही है ?
जवाब - मातृशक्ति के प्रतीक के रूप में निर्वाचन आयोग ने पहली बार पिंक मतदान केन्द्र बनाए हैं। जहां पर पीठासीन अधिकारी, मतदान कर्मी से लेकर सुरक्षा कर्मी भी महिलाएं ही होंगी। हर विधानसभा में दो मतदान केन्द्र पिंक मतदान केन्द्र के रूप में विकसित किए गए हैं। इनकी विशेष सजावट भी की जाएगी। पहली बार यह शहरी क्षेत्र में बनाए जा रहे हैं।
- प्रत्याशियों के खर्च की सीमा 28 लाख रखी गई है लेकिन अक्सर इससे ज्यादा खर्च होता है। इस पर कैसे नियंत्रण करेंगे ?
जवाब - निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव में खर्च सीमा 28 लाख निर्धारित की है और इस खर्च सीमा में ही प्रत्याशी चुनाव के दौरान खर्च करे, इसके लिए हमने हर वस्तु की दर निर्धारित की है। खर्च पर नजर रखने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। प्रत्याशी के नामांकन दाखिले से मतदान तक हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए केन्द्रीय सेवाओं के अधिकारी को पर्यवेक्षक लगाया गया है। हनुमानगढ़ में आर्थिक गणना के लिए दो पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। इसके अलावा प्रत्याशी को चार नम्बर पत्र के तहत एक रजिस्ट्रर दिया गया है। इसमें वह प्रतिदिन अपने खर्च अंकित करेगा और हर तीसरे दिन सत्यापन करवाएगा। इसके अलावा इस प्रपत्र का शैडो रजिस्ट्रर निर्वाचन कार्यालय में भी है। इसमें निर्वाचन विभाग की टीमें प्रत्याशियों के खर्च अंकित करेंगी।
Published on:
22 Nov 2018 12:18 pm
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