22 सितंबर को प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में किसान संघर्ष समिति ने साफ लिखा है कि पंजाब में बने बांधों की क्षमता 1.7 करोड़ एकड़-फुट पानी रोकने की है। यह पानी पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के सिंचाई और पीने के उपयोग के लिए आरक्षित है। ऐसे में, किसानों का सवाल है कि जब राजस्थान की नहरें प्यासी हों, तो पाकिस्तान को पानी भेजने का औचित्य क्या है?