
भटनेर दुर्ग (फोटो-पत्रिका)
हनुमानगढ़। जिले का ऐतिहासिक भटनेर किला, जिसे भारत के सबसे मजबूत किलों में गिना जाता है, आज फिर सुर्खियों में है। करीब 1700 साल पुराने इस किले का निर्माण भाटी वंश के राजा भूपत ने कराया था। कहा जाता है कि यह दुर्ग अपनी मजबूती के लिए इतना प्रसिद्ध है कि इतिहास में इसे कई बार आक्रमण झेलने पड़े, लेकिन कभी आसानी से ध्वस्त नहीं किया जा सका। यही वजह है कि इसे राजस्थान ही नहीं बल्कि भारत के सबसे सुरक्षित किलों में शुमार किया जाता रहा है।
लेकिन भारी बारिश ने इस प्राचीन धरोहर को गहरी चोट दी है। हाल ही में किले के दो बुर्ज गिरने के बाद अब इसका मुख्य द्वार भी क्षतिग्रस्त हो गया है। स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि पुरातत्व विभाग ने आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए किले में प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया है। जोधपुर से आए अधिकारियों ने निरीक्षण कर साफ किया कि फिलहाल किले के भीतर जाना खतरनाक साबित हो सकता है।
किले की जर्जर हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुख्य द्वार लंबे समय से लोहे की बेसाखियों के सहारे खड़ा था। लेकिन पिछले दिनों इनमें से एक हिस्सा अचानक गिर पड़ा, जिससे आसपास की दीवार ढहने का खतरा और बढ़ गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू नहीं हुआ तो मुख्य द्वार का बड़ा हिस्सा गिर सकता है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब भटनेर किले को बंद करना पड़ा हो। दो साल पहले भी मरम्मत कार्य के दौरान एक मजदूर की मौत के बाद करीब एक साल तक लोगों का प्रवेश रोक दिया गया था। अब लगातार बारिश और ढांचागत कमजोरी ने इस ऐतिहासिक किले की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पिछले सप्ताह जब दो बुर्ज धराशायी हुए थे, तभी पुरातत्व विभाग ने जिला प्रशासन को आसपास के बाशिंदों को सुरक्षित जगह शिफ्ट करने की सलाह दी थी। अब मुख्य द्वार के क्षतिग्रस्त होने से किले को पूरी तरह असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। विभाग ने इस धरोहर को बचाने के लिए उच्च स्तर पर प्रस्ताव भेजने की बात कही है।
भटनेर किला न सिर्फ राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहर है, बल्कि यह पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र भी है। ऐसे में इसकी वर्तमान स्थिति चिंता का विषय बन गई है। सवाल यह है कि क्या 1700 साल से खड़ा यह किला अब अपने ही बोझ तले ढह जाएगा, या समय रहते इसे नई जिंदगी मिल पाएगी?
Updated on:
9 Sep 2025, 2:42 PM IST
Published on:
9 Sep 2025, 2:40 PM IST
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