
अध्यापक सम्मान समारोह-फाइल फोटो
हनुमानगढ़। शिक्षक दिवस पर होने वाले शिक्षकों के सम्मान पर कैंची चला दी गई है। विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में ड्यूटी देते हुए राजकीय पाठशालाओं का परीक्षा परिणाम सुधारने के बावजूद शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के सम्मान से हाथ खींच लिए हैं।
इसके चलते इस साल प्रदेश भर में केवल 189 शिक्षकों को ही सम्मानित किया जाएगा। जबकि बीते साल यह संख्या 1374 थी। इसका मतलब कि गत वर्ष की तुलना में इस बार सम्मान पाने वाले शिक्षकों की संख्या 20 फीसदी से भी कम रहेगी।
निदेशालय के आदेशानुसार इस साल केवल जिला एवं राज्य स्तर पर ही शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। ब्लॉक स्तरीय शिक्षक सम्मान इस बार नहीं किया जाएगा। जबकि गत वर्ष 1074 शिक्षकों का ब्लॉक लेवल पर सम्मान किया गया था। प्रदेश स्तर पर भी सिर्फ 66 शिक्षक ही सम्मानित होंगे। बीते साल यह संख्या 150 थी। हालांकि जिला स्तर पर बीते साल 50 जिलों के हिसाब से 150 शिक्षक सम्मानित किए गए थे, इस साल 41 जिलों के हिसाब से यह संख्या 123 रहेगी।
जिला एवं राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए कक्षा एक से पांच, छह से आठ तथा नौ से बारह की श्रेणी बनाकर एक-एक शिक्षक का चयन किया जाता रहा है। इस बार जिला लेवल पर तो पुरानी व्यवस्था रहेगी। मगर राज्य पुरस्कार के लिए प्रत्येक श्रेणी से एक-एक शिक्षक शिक्षक की बजाय राज्य स्तर पर समेकित मेरिट सूची के अनुसार तीनों श्रेणी से 22-22 शिक्षकों का चयन किया जाएगा। जिला स्तर पर 11 हजार तथा राज्य स्तर पर 21 हजार रुपए पुरस्कार राशि दी जाती है।
जिला एवं राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इस बार ब्लॉक लेवल पर शिक्षकों का चयन व सम्मान नहीं होगा। -पन्नालाल कड़ेला, सीडीईओ, हनुमानगढ़।
प्रदेश के 358 ब्लॉक पर इस बार शिक्षकों का सम्मान नहीं होगा। राज्य स्तर पर भी केवल 66 शिक्षकों को ही सम्मानित किया जाएगा। यह ठीक नहीं है। शिक्षकों को प्रोत्साहित करने की इस योजना में की गई कटौती पर पुनर्विचार करना चाहिए। -बीके ज्याणी, राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ।
Published on:
23 Aug 2025 02:23 pm

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