
हनुमानगढ़/संगरिया। शहर के हृदय स्थल नई धान मंडी स्थित एक्सिस बैंक में गुरुवार देर शाम तीन नकाबपोश लुटेरे पिस्तौल व चाकू की नोक पर दो बैंक कर्मियों को बंधक बनाकर करीब डेढ़ करोड़ रुपए नकदी लूटकर नौ दो ग्यारह हो गए। इतना ही नहीं वे जाते वक्त बैंक अधिकारी की बाहर खड़ी कार भी अपने साथ ले गए। लूट के करीब आधे घंटे बाद किसी तरह बाहर निकले दोनों कर्मचारियों में से एक ने अपने रिश्तेदारों को गांव नाथवाना में फोन किया तो पुलिस को सूचना मिली। इसके बाद डीएसपी दिनेश राजौरा के नेतृत्व में पुलिस दल बैंक पहुंचा।
हरियाणा, पंजाब की ओर जाने वाले हर रास्ते पर नाकाबंदी करवाकर पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है। बैंक में लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगालने में जुटी है। हालांकि पुलिस व बैंक अधिकारियों ने अभी तक लूट की रकम और घटना की पूरी वस्तुस्थिति के साथ वास्तविकता की अधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटना की सूचना मिलने पर दस बजे एसपी हनुमानगढ़ राशि डोरा, एडिशनल एसपी जस्साराम बोस समेत एसडीएम डॉ.अवि गर्ग भी बैंक पहुंच गए।
हालांकि प्रथम दृष्ट्या बैंककर्मी कैशियर परमपाल निवासी अमरगढ़ ने पुलिस को बताया है कि वह और ऑप्रेशन मैनेजर सुशीलकुमार गुरुवार शाम करीब सवा सात बजे बैंक बंद करके जाने की तैयारी कर रहे थे। सिक्योरिटी गार्ड जा चुका था। बैंक प्रबंधक पंकज मित्तल छुट्टी पर थे। इतने में ही तीन नकाबपोश लोग भीतर आए। एक ने टोपी पहनी थी जबकि दो सरदार सरीखे थे। एक के हाथ में रिवॉल्वर तो अन्य के पास चाकू थे। उन्होंने आते ही टेलीफोन वायर काट दी। चाबियां व मोबाइल छीन लिए। बैंक में रखी पूरी नकदी देने को कहा। लुटेरे उन्हें भीतर की ओर धकेलते हुए लॉकर रुम में ले गए। जहां चेस्टरुम सहित तीन दरवाजे हैं।
वॉलेट चेस्टरुम को चाबी से खोल कर वहां रखी नकदी उन्होंनें अपने साथ लाए एक काले व दूसरे लाल रंग के स्पोर्ट्स पिटï्ठू टाइप बैग में उनसे डलवाई। बाहर आकर उन्हें बंद करने लगे तो प्रार्थना करते हुए छोडऩे को कहा। बोले लॉकर रुम में बंद रहने से दम घुट जाएगा। इस पर लोहे की सलाखों वाले दरवाजे के पीछे उन्हें बंद कर चाबी मेज पर छोड़कर चले गए। घबराए हुए उनकी सांसे ऊपर नीचे होती रहीं। कुछ देर संयत होने के बाद उन्होंने पर्दे पर लगे डंडे को उतारा और उसके सहारे चाबी अपने पास लाकर दरवाजा बाहर की ओर से हाथ डालकर खोला।
काफी जद्दोजद के बाद करीब सवा आठ बजे बाहर निकले। परमपाल ने अपनी बहन को गांव नाथवाना में फोन करके घटना बताई। जिस पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। करीब नौ बजे सुधीर, जगवंतसिंह व अमनदीप गांव से पहुंच गए। बाहर आकर देखा तो वे ऑप्रेशन मैनेजर सुशील की कार भी अपने साथ ले जा चुके थे। यह कार अवतारसिंह के नाम से थी जो सुशील का जानकार है। दो आरोपी साफा बांधे थे जबकि एक ने मास्क लगाया हुआ था। बताया कि आरोपी बैंक सिक्योरिटी गार्ड के बाहर निकलने के कुछ देर बाद ही आधे बंद हुए शटर को खोलकर भीतर घुस गए और वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद बैंक के आगे भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई भीतर जाने के प्रयास में रहा लेकिन पुलिस व बैंककर्मियों ने सुरक्षा कारणों के चलते भीतर घुसने से मीडिया तक को मना कर दिया। यहां तक कि एक अन्य बैंक में बीते दिनों हुई लूट मामले के बाद इस बैंक में पहुंचे अधिकारी बोले दो बार बैंक में लूट की घटना हो गई, पुलिस कुछ नहीं कर पाई तो आज क्या कर लेगी।
एसपी ने भी पूरी जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। बैंकों में लगातार इस तरह की हो रही लूट के बाद लोगों में भय का माहौल बन गया है। लूट की रकम एक से डेढ़ करोड़ रुपए के बीच में बताई जा रही है। जिसकी पुष्टि के लिए बैंक रिकॉर्ड से मिलान हो रहा है।
Published on:
17 Sept 2020 10:32 pm
बड़ी खबरें
View Allहनुमानगढ़
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
