
चारणवासी। हनुमानगढ़ जिले के चक 27 एनटीआर निवासी शेर मोहम्मद ने केन्द्रीय शुष्क संस्थान बीकानेर से प्रशिक्षण लेकर ककड़ी की विशेष वैरायटी के बीजोत्पादन का नवाचार किया हैं। यह नवाचार धोरों में लवणीय पानी के बावजूद ककड़ी का उत्पादन देगा। खारे पानी में खेती करने वाले किसानों को उपलब्ध करवाने के लिए शेर मोहम्मद ने डेढ़ बीघा में ककड़ी की इस विशेष वैरायटी का बीज तैयार किया है। इससे ककड़ी की खेती करने वाले किसानों को बीज के लिए बीकानेर नहीं जाना पड़ेगा।
छिलके के भी दाम
किसान ने बताया, बीज निकालने के दौरान ही छिलके अलग हो जाते हैं। इन छिलकों को खलेरी कहते हैं। खलेरी से चटनी और पाउडर तैयार होता है। इन छिलकों यानी खलेरी के खरीददादर ज्यादातर पंजाब व हरियाणा के हॉटल वाले हैं। इन छिलकों से बनी चटनी स्वादिष्ट होने से होटलों में इसकी विशेष मांग रहती है।
आम के आम गुठलियों के दाम
किसान ने मल्चिंग व फव्वारा सिस्टम की सहायता से यह उत्पादन लिया है। यूनिवर्सिटी के सहयोग से लवणीय पानी में विशेष किस्म के बीज की फसल का नवाचार किया। खाने में स्वादिष्ट होने के कारण नोहर व सिरसा की मंडियों में 30 रुपए प्रति किलो का भाव मिला। इससे करीब दो लाख रुपए की आमदनी हुई, साथ ही 60 किलो बीज निकाल लिया। किसानों को ढाई हजार रुपए प्रति किलो के भाव से बीज उपलब्ध करवाया जा रहा है।
ऐसे तैयार करते हैं बीज
ककड़ी के दो भाग बनाकर उनमें से बीज अलग कर उन्हें सुखाया जाता है। उसके बाद पाउडर मिलाकर हाथ से मसलते हुए एक-एक बीज अलग किया जाता है। उसके बाद पैकिंग की जाती है।
जिला कृषक पुरस्कार
शेर मोहम्मद 15 साल से सब्जी की खेती में नए-नए नवाचार कर रहा है। उसे जिला कृषक पुरस्कार भी मिल चुका है। वह बीकानेर व नोहर केवीके के किसान मेलों में ककड़ी के बीज की प्रदर्शनी लगा चुका हैं।
Published on:
07 Jul 2022 10:07 am
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