6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महिला की हत्या के बाद शव से किया बलात्कार, दोषी युवक को फांसी की सजा

बलात्कार का जब महिला ने विरोध किया तो युवक ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। फिर शव के साथ बलात्कार किया।

2 min read
Google source verification
Woman rape-murder case Sentence to death accused in Hanumangarh

हनुमानगढ़। बलात्कार का जब महिला ने विरोध किया तो युवक ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। फिर शव के साथ बलात्कार किया। पीलीबंगा थाना क्षेत्र के गांव दुलमाना में 15 सितम्बर 2021 को हुए मानवता को शर्मसार करने वाले इस मामले में सोमवार को जिला एवं सेशन न्यायालय ने दोषी युवक सुरेन्द्र कुमार उर्फ मांडिया को फांसी की सजा सुनाई है। खास बात यह है कि पीलीबंगा थाना पुलिस ने इस मामले में एफआइआर दर्ज होने के सात दिन के भीतर ही चालान पेश कर दिया था। न्यायालय ने भी चालान पेश होने के 66 दिन के भीतर ही सुनवाई पूर्ण कर फैसला सुना दिया। राज्य की ओर से लोक अभियोजक उग्रसैन नैण ने पैरवी की।

प्रकरण के अनुसार 16 सितम्बर 2021 को 60 वर्षीय विधवा के देवर ने पीलीबंगा थाने में हत्या व दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। उसने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उसके भाई की तीन वर्ष पहले मौत हो चुकी है तथा भाभी घर में अकेली रहती थी। उसके कोई संतान नहीं थी। भाभी 15 सितम्बर की रात करीब साढ़े दस बजे उनके घर आई और कहा कि सुरेन्द्र कुमार उर्फ मांडिया (19) पुत्र बंशीलाल निवासी वार्ड दस दुलमाना थोड़ी देर पहले घर में घुस आया था। वह गलत नीयत से छेड़छाड़ करने लगा। उसे धमकाया तो वह उसका मोबाइल फोन उठाकर भाग गया।

भाभी ने सुरेन्द्र से अपना मोबाइल फोन दिलवाने की बात कही। रात होने के कारण अगली सुबह मोबाइल फोन दिलवाने का भरोसा दिलाते हुए भाभी को घर भेज दिया। आरोप था कि रात को करीब एक बजे सुरेन्द्र उर्फ मांडिया ने शराब के नशे में किसी ग्रामीण से कहा कि उसने वृद्ध महिला की गला घोंटकर हत्या कर दी है। परिवादी को यह सूचना मिली तो वह अन्य ग्रामीणों के साथ भाभी के घर गया।

वहां वृद्धा का शव चारपाई पर पड़ा मिला। मृतका के देवर ने आरोप लगाया कि सुरेन्द्र उर्फ मांडिया ने दुष्कर्म की नीयत से भाभी के घर में प्रवेश किया। विरोध करने पर उसने भाभी की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने धारा 450, 376 व 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसी दिन आरोपी युवक सुरेन्द्र उर्फ मांडिया को गिरफ्तार कर लिया।

किस धारा में दी क्या सजा
लोक अभियोजक नैण ने बताया कि जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने आइपीसी की धारा 302 में दोषी युवक को फांसी तथा दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं आइपीसी की धारा 376 में आजीवन कारावास तथा दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा दी है। जबकि आइपीसी की धारा 450 में तीन साल कारावास व दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।