
नाबालिग से बलात्कार के दोषी युवक को 20 बरस का कारावास
नाबालिग से बलात्कार के दोषी युवक को 20 बरस का कारावास
- वर्ष 2019 का संगरिया थाने का प्रकरण
- विशिष्ट न्यायालय पोक्सो प्रकरण ने सुनाया फैसला
हनुमानगढ़. नाबालिग लडक़ी को बहलाकर ले जाने तथा बंधक बनाकर बलात्कार के मामले में विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो प्रकरण मदनगोपाल आर्य ने मंगलवार को एक युवक को दोषी करार दिया। उसको बीस साल के कारावास तथा एक लाख पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। राज्य की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक विनोद कुमार डूडी ने पैरवी की।
प्रकरण के अनुसार 14 जून 2019 को संगरिया थाने में नाबालिग से बलात्कार का मामला दर्ज कराया गया। पीडि़ता के पिता ने पुलिस को रिपोर्ट दी कि 12 जून को उसकी 17 वर्षीय पुत्री घर पर अकेली थी। घर के मोबाइल फोन पर किसी ने पुत्री से कहा कि तुम्हारा चाचा बोल रहा हूं। तुम्हारे बड़े पापा के लिए खेती-बाड़ी का सामान लेकर जाना है। इस पर नाबालिग ने घर का दरवाजा खोला तो बाहर आरोपी राधेश्याम (26) पुत्र महेन्द्र सिंह निवासी हाड़ी खेड़ा जिला सिरसा, हरियाणा खड़ा था। आरोपी ने कहा कि तुम्हारे लिए पिज्जा लेकर आया हूं। जब नाबालिग ने मना किया तो आरोपी ने उसके मुंह पर कपड़ा लपेट कर उसे बाइक पर डालकर सिरसा ले गया। वहां बलात्कार किया। इसके बाद पीडि़ता को कालांवाली, उत्तर प्रदेश के सहारणपुर, वजीदपुर आदि जगहों पर ले गया तथा दुष्कर्म किया। बाद में पुलिस ने पीडि़ता को दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाह परीक्षित करवाए तथा 21 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी राधेश्याम को धारा 363 में तीन साल, 366 में सात साल तथा 376 आईपीसी एवं पोक्सो एक्ट 5/6 में बीस साल की सजा सुनाई। दोषी पर कुल एक लाख पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
Published on:
03 Oct 2023 06:07 pm
