Kartik Purnima 2021: इस बार कार्तिक पूर्णिमा आगामी 19 नवंबर को पड़ रही है। कार्तिक पूर्णिमा पर ग्रहों का विशेष प्रभाव राशियों पर पड़ेगा। ऐसा अद्भुत संयोग 580 वर्ष के बाद बन रहा है। ऐसा ज्योतिषाचार्यों का मानना है। वहीं गढ़मुक्तेश्वर पर कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले गंगा मेले में अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालुगण पहुंच चुके हैं। कल कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा का अंतिम स्नान है। इसके बाद मेला समाप्त हो जाएगा।
Kartik Purnima 2021: कार्तिक पूर्णिमा को भक्ति, ज्ञान व सद्कर्म का पर्व माना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा तिथि को देव दीपावली भी कहा जाता है। यह पर्व कल यानी शुक्रवार 19 नवंबर को मनाया जाएगा। पंडित अनिल शास्त्री के अनुसार इस बार कार्तिक पूर्णिमा तिथि पर तीन राशियों में दो-दो ग्रहों के प्रवेश का अद्भुत संयोग बन रहा है। ये संयोग दीपदान करने वाले के जीवन में सुख-समृद्धि व वैभव बढ़ाएगा। दीपदान करने से कर्ज व समस्याओं से निजात मिलेगी।
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उन्होंने बताया कि पूर्णिमा तिथि गुरुवार को दिन में 11.19 बजे से शुक्रवार दिन में लगभग 1.04 बजे तक रहेगी। कृतिका नक्षत्र, परिघ योग,भव करण रहेगा। इसके अलावा वृष राशि में चंद्रमा व राहु, वृश्चिक राशि में सूर्य व केतु तथा तुला राशि में मंगल व बुध ग्रह का प्रवेश होगा। पंडित अनिल शास्त्री ने बताया कि ऐसा अद्भुत संयोग 580 वर्ष के बाद बन रहा है। इससे कार्तिक पूर्णिमा का महत्व और अधिक बढ़ जाता है वहीं दीपदान करने से धन, वैभव और कीर्ति में वृद्धि होगी। इस दिन दीपदान करने से कर्ज व समस्त संकटों से मुक्ति मिलेगी।
कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी के पौधे के आगे दीपक जलाकर भगवान विष्णु की पूजा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इससे घर की दरिद्रता दूर होती है। कार्तिक पूर्णिमा पर दीपदान करने से लंबी आयु, धन-वैभव की प्राप्ति होती है। व्रत रखकर भगवान विष्णु, शिव का स्मरण करने से सूर्यलोक की प्राप्ति होती है।