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Manish Sisodia: हापुड का साधारण सा लड़का पहले बना पत्रकार, फिर दिल्ली में अरविंद केजरीवाल का बना दायां हाथ

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आप पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले मनीष सिसोदिया की कहानी दिलचस्प है। मनीष सिसोदिया हापुड के गांव शाहपुर फगौता के रहने वाले हैं।

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Manish Sisodia: हापुड का साधारण सा लड़का पहले बना पत्रकार, फिर दिल्ली में अरविंद केजरीवाल का बना दायां हाथ

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया।

आम आदमी पार्टी में अरविंद केजरीवाल के बाद दूसरे सबसे ताकतवर नेता मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी से आम आदमी पार्टी केंद्र सरकार पर हमलावर है।


सीबीआई ने दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति में शराब घोटाले का आरोप लगाते हुए मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था।

साधारण किसान परिवार में जन्म
मनीष सिसोदिया का जनम हापुड के एक साधारण परिवार में हुआ। शुरुआती पढ़ाई गांव के स्कूल से करने के बाद सिसोदिया आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए। जहां उन्होंने पत्रकारिता में डिप्लोमा किया।


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इसके बाद पत्रकार बनकर करियर की शुरुआत की। सिसोदिया दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद सहयोगी थे। जब पहली बार केजरीवाल को अपने उपमुख्यमंत्री चुनने का समय आया तो उन्होंने सिसोदिया पर ही भरोसा जताया।

हापुड से निकलने के बाद चढ़ता गया ग्राफ
मनीष सिसोदिया ने पत्रकारिता की शुरुआत ऑल इंडिया रेडियो से की थी। मनीष सिसोदिया सामान्य परिवार से आए थे तो उन्होंने आम लोगों के लिए काम करने का मन बनाया था।

उन्होंने अरविंद केजरीवाल, के साथ 'पब्लिक कॉज रिसर्च फाउंडेशन' की स्थापना की। इसके बाद 'परिवर्तन' एनजीओ बनाया।

2013 में दिल्ली में सरकार बनाने से पहले सिसोदिया और केजरीवाल एनजीओ के लिए काम करते थे। इसके जरिए ही दोनों अन्ना हजारे के आंदोलन से जुड़ गए। फिर आम आदमी पार्टी बनाई। इसके बाद दिल्ली में आप की सत्ता आई।

केजरीवाल से मुलाकात और अन्ना आंदोलन
सिसोदिया की केजरीवाल से मुलाकात 1998 में हुई। इसी दौरान उन्होंने एक्टिविजम की तरफ का भी रुख किया। 2011 में सिसोदिया अन्ना हजारे के आंदोलन का हिस्सा बने। इसी आंदोलन में जन लोकपाल बिल की मांग उठी थी। सिसोदिया आप के संस्थापक सदस्य थे।

उन्हें पार्टी के राजनीतक समिति का सदस्य बनाया गया। 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में सिसोदिया पटपड़गंज से चुनाव लड़ा और बीजेपी के नकुल भारद्वाज को हराया था। 2015 में सिसोदिया को पटपड़गंज से जीत मिली थी। जीत के बाद केजरीवाल सीएम और सिसोदिया डिप्टी सीएम बनाया था।

2022 में लगा भ्रष्टाचार का आरोप
सिसोदिया पर 2022 में दिल्ली में एक्साइज पॉलिसी में घोटाले का आरोप लगा। इस बारे में सीबीआई ने उनके घर पर छापा मारा था।

दिल्ली की नई आबकारी नीति में नियम कानून के उल्लंघन का आरोप है और इससे 150 करोड़ रुपए के नुकसान का दावा है। 26 फरवरी को इसी मामले में सीबीआई ने करीब 8 घंटे की पूछताछ के बाद सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया था।