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फसल बीमा व मुआवजे की मांग को लेकर 70 गांवों में किसानों ने किया धरना प्रदर्शन

जिले के 130 गांवों में चलाया हस्ताक्षर अभियान

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फसल बीमा व मुआवजे की मांग को लेकर 70 गांवों में किसानों ने किया धरना प्रदर्शन

फसल बीमा व मुआवजे की मांग को लेकर 70 गांवों में किसानों ने किया धरना प्रदर्शन

हरदा. जिले के किसानों को फसल बीमा एवं मुआवजा प्रदान करने सहित अन्य समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर बुधवार को राजीव गांधी पंचायत राज संगठन मप्र के आह्वान पर जिले के करीब 130 गावों में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस दौरान करीब 70 गांवों में किसानों ने धरना प्रदर्शन कर केन्द्र एवं प्रदेश सरकार को किसान विरोधी बताया। यह दावा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत टाले एवं किसान कांगे्रस के प्रदेश सचिव मोहन विश्नोई ने करते हुए बताया कि मांगों को लेकर किसानों की ओर हस्ताक्षर किए गए ज्ञापन को गुरुवार को जिला कांग्रेस के नारायण टाकीज चौक पर किए जाने वाले धरना प्रदर्शन के पश्चात जिला प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम सौपा जाएगा।
आज नारायण टाकीज पर धरना प्रदर्शन करेंगे कांग्रेसजन-
गुरुवार को जिला कांग्रेस की ओर से इन्ही मांगों के समर्थन में दोपहर 2 बजे से स्थानीय नारायण टॉकीज चौक पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनाराण पंवार व किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री मोहन विश्नोई ने बताया कि जिले के किसानों को उम्मीद थी कि, उन्हें 2019 की बीमा राशि प्राप्त हो जाएगी। लेकिन मप्र शासन ने जिले के 44 गांवों के बीमा प्रकरण अभी तक लंबित रखे है। जिन गांवों के किसानों को बीमा राशि का पात्र माना गया है उनमें से भी अधिकांश किसानों के खातो में राशि नहीं आई है। सभी किसानों को तत्काल बीमा राशि प्रदान की जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले के 33 गांव के किसान भी बीमा लाभ से वंचित रह गये है, जबकि 2019 की अनावारी के आधार पर शासन द्वारा इन गांवों के किसानों को राहत राशि की किस्त प्रदान की गई थी। इन 33 गांव के किसानों को भी इस आधार पर बीमा राशि प्रदान की जाना चाहिए।
पिछले वर्ष की शेष 75 प्रतिशत राहत राशि दी जाए किसानों को -
किसानों को खेतों में आग लगने पर बीमा का लाभ नहीं मिलता है। आगजनी को भी बीमा लाभ की श्रेणी में जोड़ा जाए। विश्नोई ने कहा कि 2020 के पोर्टल डाटा में बैंकों द्वारा की गई एंट्री की जानकारी कृषि अधिकारियों द्वारा किसानों को बताई जाए। फसल बीमा में पूर्ण पादर्शिता लाई जाए, ताकि भविष्य में किसानों के अहित न हो। 2019 की शेष 75 प्रतिशत राहत राशि किसानों को शीघ्र दी जाए। केन्द्र सरकार द्वारा बनाए गए किसान विरोधी तीनों कानून वापस लिए जाएं। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू की जाए। इन मांगों को लेकर गांवों में हस्ताक्षर अभियान चलाने के साथ धरना प्रदर्शन किया गया।