
कांग्रेस ने लगातार तीसरी बार डॉ. रामकिशोर दोगने को टिकट दिया है। टिमरनी में अभिजीत शाह को लगातार दूसरी बार उम्मीदवार बनाया है। अब हरदा में तस्वीर साफ हो चुकी है, यहां कमल पटेल और दोगने के बीच मुकाबला है। वहीं भाजपा ने टिमरनी सीट से अब तक प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। यहां से 3 बार लगातार विधायक रहे संजय शाह वर्तमान में विधायक हैं।
दोगने एक बार जीते, एक बार हारे
वर्ष 2013 में भाजपा के कमल पटेल को 4600 वोटों से हराकर डॉ. दोगने पहली बार विधायक बने थे। पार्टी ने तीसरी बार उनपर भरोसा जताया है। हरदा से इस बार कांग्रेस से 6 दावेदार थे। सर्वे में दोगने का नाम सबसे उपर होने के कारण हाईकमान ने फिर मौका दिया।
हरदा विधानसभा
कमल पटेल (भाजपा)
राजनीतिक करियर : भाजयुमो के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रहे। 1993 में पहला विस चुनाव लड़ा। अब तक 6 चुनाव लड़े। यह 5 वीं बार लगातार टिकट मिला है। तीन बार मंत्री रहे।
टिकट क्यों : संघ में पकड़ और राजनाथ सिंह के करीबी होने के कारण।
किस गुट से : जेपी नड्डा से जुड़ाव
डॉ. रामकिशोर दोगने (कांग्रेस)
राजनीतिक करियर : 80 के दशक में बूथ अध्यक्ष रहे, 2013 में विस चुनाव लड़ा। भाजपा के कमल पटेल को 4600 वोटों से हराया। 2018 में 6600 वोटों से हारे। यह तीसरा चुनाव है। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के अध्यक्ष रहे।
टिकट क्यों : 2013 के विस चुनाव में कमल पटेल को हरा चुके हैं। क्षेत्र में गुर्जर समाज ज्यादा।
किस गुट से : कमलनाथ से नजदीकी।
टिमरनी विधानसभा
अभिजीत शाह (कांग्रेस)
राजनीतिक करियर : किसान कांग्रेस में प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। 2018 में कांग्रेस से पहला चुनाव लड़ा। भाजपा के संजय शाह से मात्र 2213 वोटों से हारे।
टिकट क्यों : 2018 के विधानसभा चुनाव में हार का अंतर बहुत कम रहा था।
किस गुट से : कमलनाथ से नजदीकी।
टिमरनी 15 साल से भाजपा के पास
टिमरनी विधानसभा एसटी के लिए आरक्षित है। 15 साल से यह सीट भाजपा के कब्जे में है। साल 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने अभिजीत शाह को टिकट दिया। यहां मुकाबला काका-भतीजे के बीच था। जिसमें अभिजीत महज 2213 वोटों से हारे थे।
Updated on:
16 Oct 2023 03:09 pm
Published on:
16 Oct 2023 03:07 pm
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