
solar energy
हरदा. सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित विभाग स्तरीय बौद्धिक, विज्ञान, वैदिक गणित समारोह का शनिवार को समापन हुआ। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने विज्ञान मॉडल तैयार कर बताया कि ऊर्जा कैसे बचाई जा सकती है। स्पर्धा में होशंगाबाद, बैतूल व हरदा के 300 छात्र-छात्राओं ने 23 विधाओं में हिस्सा लिया। आयोजन के दूसरे दिन शास्त्रीय गायन, एकल भजन, वन्देमातरम् गायन के साथ, विज्ञान, गणित एवं वैदिक गणित की प्रतियोगिताएं आयोजित हुई। तीनों जिले के जिलास्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों ने लगभग 75 विज्ञान मॉडलों का प्रदर्शन किया। इन मॉडलों के माध्यम से उन्होंने वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, विद्युत का अपव्यय कैसे रोका जाए इस पर अपनी कल्पना शक्ति के माध्यम से संदेश दिया।
ऊर्जा संरक्षण के बारे में बताया
ऊर्जा संरक्षण के अंतर्गत सौर ऊर्जा का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है, इस विषय पर भी अपनी अभिव्यक्ति इन मॉडलों के माध्यम से व्यक्त की। जैविक खेती को बढ़ावा कैसे दिया जा सकता है, जैव संरक्षण कर किस प्रकार जीव-जंतुओं को हम बचा सकते हैं, यह भी बताया गया। वर्षाजल का उपयोग घरेलू व कृषि के लिए कैसे कर सकते हैं, यह बहुत ही आसान तरीके से मॉडल के माध्यम से दिखाया गया। स्कूल में सुबह शास्त्रीय गायन, एकल भजन की प्रतियोगिता मिलिंद सूबेदार के निर्देशन में आयोजित हुई। गणित स्पर्धा का आयोजन सरिता गेहलोत, आर.डी. राजपूत, विज्ञान स्पर्धा संध्या खेड़ले, दिनेष साहू व वैदिक गणित की प्रतियोगिता मनोज गौर के निर्देशन में आयोजित की गई। वन्दे मातरम् प्रतियोगिता के संयोजक चंद्रषेखर भारद्वाज रहे। प्रतियोगिता संयोजक राजेन्द्र तिवारी ने बताया कि विज्ञान, वैदिक गणित की प्रतियोगिता अक्टूबर में टिमरनी एवं बौद्धिक की समस्त प्रतियोगिताएं गुना में आयोजित होगी। टिमरनी में प्रांत एवं क्षेत्र स्तरीय तथा गुना में प्रांत स्तरीय प्रतियोगिताएं प्रस्तावित हैं। प्रतियोगिताओं में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को स्मृति चिह्न एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इस मौके पर प्राचार्य संजय उपाध्याय सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
Updated on:
22 Sept 2018 10:59 pm
Published on:
23 Sept 2018 08:00 am
बड़ी खबरें
View Allहरदा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
