
जिले की हरदा विधानसभा सीट पर बीते 30 साल में हुए 6 विधानसभा चुनाव में केवल एक ही बार भाजपा की लीड बढ़ी। शेष 5 चुनाव में लगातार गिरावट आई है। चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने हर बार नए और युवा मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया, लेकिन इसमें कभी भी ज्यादा या एकतरफा किसी को सफलता नहीं मिली। भाजपा कांग्रेस की तरफ से 2013 और वर्ष 2018 चुनाव के प्रत्याशी फिर आमने-सामने हैं। 1998 चुनाव में भाजपा 14069 वोटों से जीता, इसके बाद जीत का अंतर इससे कम ही रहा जबकि मतदाता लगातार बढ़ते रहे।
- 1993 में भाजपा के कमल पटेल और कांग्रेस के विष्णु राजोरिया के बीच मुकाबला हुआ। 108877 मतदाता थे, जिनमें से 72654 ने वोट डाले। भाजपा को 41107 वोट मिले। कांग्रेस को 29452 वोट मिले। भाजपा 11565 वोटों से जीती।
- 1998 के विधानसभा चुनाव में 1,21,405 मतदाता थे। 73341 ने वोट डाले। कांग्रेस ने प्रत्याशी बदलकर जाट समाज के अनिल पटेल को टिकट दिया था। इसमें भाजपा के कमल पटेल ने कांग्रेस के अनिल को 14069 वोटों से हराया।
- 2003 के विधानसभा चुनाव में मतदाता बढकऱ 1,39,863 हो गए। इसमें में से 97,777 ने अपने मत का प्रयोग किया। इस बार कांग्रेस ने दूसरी बार पूर्व मंत्री विष्णु राजोरिया को उम्मीदवार बनाया था। चुनाव में भाजपा प्रत्याशी 5475 वोटों से जीते।
- 2008 में कांग्रेस से पूर्व नपाध्यक्ष हेमंत टाले तो भाजपा ने कमल पटेल प्रत्याशी थे। 1,55,363 मतदाता में से 1,11,946 ने वोट डाले। इस बार निर्दलीय बद्री पटेल ने गणित बिगाड़ा। वे राजपूत समाज के 16500 वोट ले गए। हलांकि पटेल 8863 वोटों से जीत गए।
- 2013 में कांग्रेस ने यहां डॉ. रामकिशोर दोगने को उम्मीदवार बनाया। इस बार कुल वोटर संख्या 1,98,647 थी। इसमें 1,50,403 ने वोट डाले। इसमें डॉ. दोगने ने 4651 वोटों से पटेल को पराजित किया। कमल पटेल पहली बार चुनाव हारे।
- 2018 के चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या 2,14,280 हुई। इस बार कमल पटेल और डॉ.आरके दोगने उतरे। कश्मकश भरे चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने 6667 वोटों से जीत हासिल की। इस चुनाव में तीसरी बार दोनों फिर आमने सामने हो रहे हैं।
2013 की स्थिति
कुल मतदाता: 2 लाख 35 हजार 975
पुरुष मतदाता: 1 लाख 21 हजार 566
महिला मतदाता : 1 लाख 14404
Updated on:
08 Nov 2023 10:12 am
Published on:
08 Nov 2023 10:10 am
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