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MP Election 2023: राजनीति का चस्का: बैंक के एजीएम, पुलिस की स्पेशल ब्रांच तो किसी ने छोड़ी मंडी की नौकरी

सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति का दामन थामा...

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हरदा

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Sanjana Kumar

Nov 07, 2023

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राजनीति में हर कोई किस्मत आजमाना चाहता है। सफलता कुछ को ही मिलती है। जिले में कई नेता ऐसे में जो लगातार राजनीति से जुड़े हैं, इनके परिवार भी इसी कड़ी में आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो नौकरी को छोड़कर राजनीति में हाथ आजमाते हैं। बीते 10 साल में हरदा और टिमरनी विधानसभा सहित बैतूल संसदीय क्षेत्र में ऐसे तीन मामले सामने आए हैं, जिनमें दावेदारों ने सरकारी नौकरी छोडकऱ राजनीति में किस्मत आजमाने के लिए चुनाव मैदान में उतरे। सांसद पद के लिए एक ने बैंक का सहायक महाप्रबंधक का पद छोड़ा। दूसरे ने पुलिस की स्पेशल ब्रांच से त्याग पत्र दिया। तीसरे ने मंडी से लिपिक की नौकरी को अलविदा कहा।

विधायक बनने छोड़ी पुलिस की नौकरी, जीते भी
मप्र पुलिस की स्पेशल ब्रांच में करीब 17-18 साल नौकरी करने के बाद रामकिशोर ने चुनाव लडऩे का मन बनाया। साल 2002 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 2013 में कांग्रेस ने हरदा से विधायक के लिए टिकट दिया। जीते भी। 2018 में फिर चुनाव लड़े लेकिन हार गए। अब तीसरी बार मैदान में हैं।

बैंक में सहायक प्रबंधक का पद छोड़ा
मकड़ाई राजघराने से ताल्लुक रखने वाले अजय शाह केनरा बैंक में सहायक महाप्रबंधक थे। राजनीति में किस्मत आजमाने 2013 में नौकरी से त्याग पत्र दिया। कांग्रेस ने हरदा बैतूल संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया लेकिन हार गए। अभी वे मप्र आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारी हैं।

मंडी के लिपिक पद से ली स्वैच्छिक सेवानिवृत्त
िकृषि उपज मंडी टिमरनी में लिपिक रहे रमेश मर्सकोले ने इसी साल चुनाव लडऩे के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृति ली। अब वे निर्दलीय मैदान में हैं। भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच जोर लगा रहे हैं। वे साल 2013 से 2018 तक हरदा के कांग्रेस विधायक डॉ. रामकिशोर के दोगने के निज सहायक रहे।

पार्टी ने नहीं दिया टिकट तो निर्दलीय मैदान में
बैतूल जिले के भैंसदेही ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम ठेमगांव निवासी जीएसटी अधिकारी हेमराज बारस्कर ने चुनाव लडऩे के लिए नौकरी छोड़ दी है। हेमराज का परिवार संघ से जुड़ा होने की वजह से वे भाजपा से टिकट को लेकर उम्मीदवारी कर रहे थे। पार्टी ने टिकट नहीं दिया। इससे बारस्कर निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। हेमराज के पिता स्व. जीआर बारस्कर ने 2017 में बैतूल में आयोजित हिन्दू सम्मेलन की अध्यक्षता की थी।

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