14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ततैया के काटने से भी हो सकती है आपकी मौत, देखें यह खबर

wasp bite treatment- ततैया के काटने पर युवती की मौत, परिजनों ने एसडीओपी को सौंपा ज्ञापन...>

2 min read
Google source verification

हरदा

image

Manish Geete

Sep 06, 2022

khirkiya.png

खिरकिया (हरदा)। क्या ततैया के काटने से भी किसी की मौत हो सकती है। क्या ततैया के एक डंक से किसी की हालत इतनी खराब हो सकती है कि उसे वेंटीलेटर पर रखा पड़ जाए या वो कोमा में भी जा सकता है। ऐसा ही पोखरनी की एक युवती के साथ हुआ है। एक ततैया के काटने के बाद जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो उसकी हालत बिगड़ती चले गई और अंततः उसने दम तोड़ लिया।

विगत दिनों ग्राम पोखरनी निवासी युवती की ततैया के काटने पर हुई मौत के मामले में परिवार के लोगों और ग्रामीणों ने हरदा के भगवती नर्सिंग होम सहित शासकीय चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। सोमवार को उन्होंने थाना छीपाबड़ में एसडीओपी उदयभान बागरी को ज्ञापन सौंपा।

यह भी पढ़ेंः

करंट से मासूम ने दम तोड़ा, दो दिन पहले ही मनाया था 8वां जन्म दिन

इसमें मृतका के भाई शुभम वैष्णव और मिथलेश वैष्णव ने बताया कि 28 अगस्त को दोपहर करीब 3 बजे पोखरनी उबारी में उनकी बहन लवली वैष्णव को ततैया ने काट लिया था। उसे तुरंत इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खिरकिया ले गए। जहां डॉ. आरके विश्वकर्मा ने उपचार कर हरदा में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मनीष शर्मा को दिखाने की सलाह दी। निजी साधन से लवली को जिला चिकित्सालय में पदस्थ सर्जन डॉ. मनीष शर्मा से उपचार करने ले गए। लेकिन जिला अस्पताल में शर्मा मौजूद नहीं होने से उनके निवास पर दिखाया। उन्होंने लवली की जांच कर कहा- खतरे की कोई बात नहीं है। दवाइयों का पर्चा लिखकर भगवती नर्सिंग होम में भर्ती कराने को कहा। जहां उसका उपचार किया गया। लेकिन हालात में सुधार नहीं हुआ। आईसीयू में लवली के मुंह में से झाग व नाक में से खून आने गया।

कोमा में भी जा सकती है

डॉ. शर्मा, डॉ. पटेल ने कहा कि वेंटिलेटर पर रख रहे हैं। यह कोमा में भी जा सकती है। जल्दी से पैसों का इंतजाम कीजिए। इतना कहकर दोनों डॉक्टर चले गए। मौजूद स्टाफ लवली को घर ले जाने को कहने लगे। लवली बेड पर मृत अवस्था में पड़ी थी। तब दोनों डॉक्टरों ने लवली के शव को घर ले जाने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने हमारे अनुसार मर्ग कायम नहीं किया। नर्सिंग होम प्रबंधन ने इलाज की फाइल भी मुश्किल से पुलिस के हस्तक्षेप करने पर दी। पीएम रिपोर्ट की फोटो कॉपी भी दो दिन बाद दी गई। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है।