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कमरे का खौफनाक रहस्य! जिंदा अंदर गईं बहनों के निकले शव, पहले भी हुआ था कुछ ऐसा ही… देखें वीडियो

गई। दबी जुबान में कुछ लोग इसे जंतर-मंतर और कमरे में किसी रहस्य की बात कह रहे हैं...

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Hardoi Crime News

हरदोई. एक बार फिर हरियावां में पांच साल पहले की कहानी दोहराई गई। मरई गांव में पांच साल पहले जिस कमरे में बड़ी बहन ने दुपट्टे से लटककर जान दे दी थी, रविवार को भी उसी कमरे से दो और जनाजे निकले। तरीका भी वही था, बस संख्या बदल गई। शिवकुमार की दो लड़कियों (प्रिया और रूसी) ने उसी कमरे में एक ही दुपट्टे से लटककर जान दे दी, जहां पांच साल पहले उनकी बड़ी बहन ने सुसाइड किया था। संदिग्ध अवस्था में घटी इस घटना से समूचे इलाके में सनसनी फैल गई। दबी जुबान में कुछ लोग इसे जंतर-मंतर और कमरे में किसी रहस्य की बात कह रहे हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो घटना को ऑनर किलिंग बता रहे हैं। पुलिस सुसाइड को प्रेम-प्रसंग से भी जोड़कर देख रही है। फिलहाल परिजन खामोश हैं और पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की बात कह रही है।

हरियावां थाना क्षेत्र में दो सगी बहनों ने अपने ही घर में एक कमरे की धन्नी से एक ही दुपट्टे में लटककर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। लड़कियों की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी हरियावां पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों बहनों के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। ग्रामीण ऑनर किलिंग की भी आशंका जता रहे हैं। साथ ही कमरे को भुतहा करार दे रहे हैं। परिजनों ने इस घटना पर अपनी जुबान नहीं खोली है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ग्राम प्रधान बोले- आत्महत्या और कुछ नहीं
मामला हरियावां थाना क्षेत्र के मरई गांव का है। शिवकुमार की दो लड़कियों प्रिया और रुसी जो इंटर और ग्यारहवीं क्लास की छात्राएं थी। रविवार को एक दुपट्टे से एक साथ लटककर आत्महत्या कर ली। जब ये घटना घटी तब इनके माता पिता घर पर नहीं थे। घर में कोई नहीं था। खेतों पर गेहूं कटवा रहे थे। मामले में ग्राम प्रधान पहाड़ी सिंह ने भी इस घटना को आत्महत्या की घटना करार दिया। प्रधान परिवार का कहना है कि जब लड़कियों ने फांसी लगाई तो इनके माता-पिता गेहूं की फसल कटवा रहे थे और घर पर नहीं थे।

तीनों लड़कियां कर चुकी हैं सुसाइड
मरई गांव में शिवकुमार नाम का एक संपन्न किसान का परिवार रहता है। उसका भरा-पूरा परिवार है। परिवार में एक पत्नी दो लड़के तथा तीन लड़कियां थीं। दोनों लड़के बाहर रहकर नौकरी करते हैं। इसको कुदरत का प्रकोप कहें या दैवीय प्रकोप या फिर कोई साजिश? कि एक व्यक्ति की तीनों लड़कियों ने इसी घर में इसी कमरे में और इसी धन्नी में रूपट्टे से लटककर कर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

सुसाइड मान रही पुलिस
क्षेत्राधिकारी हरियावां सतेंद्र सिंह ने इस घटना को प्रथम दृष्ट्या आत्महत्या की घटना बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है और कोई कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने मृतक बहनों की सभी किताबों और सामान की बारीकी से जांच की, लेकिन कोई सबूत पुलिस के हाथ नहीं लगा है।