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16 राइस मिलों को नोटिस, व्यापारी बोले- हम खुद सरेंडर करेंगे लाइसेंस

हरदोई की 16 राइस मिलों को खाद्य विभाग ने नोटिस जारी किया है।

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हरदोई . आज से हरदोई में क्रय केंद्र स्थापित कर धान की खरीद शुरू हो गयी है। लेकिन अधिकांश राइस मिलों ने धन कुटाई के लिए अनुबंध और बैंक गारंटी नहीं जमा की है । ऐसे में धान क्रय केन्द्रों पर खरीदें जाने वाले धान को कूटने का कार्य प्रभावित होने की संभावना है और इसके चलते सरकारी खरीद प्रभावित हो सकती है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने राइस मिलों के पेंच कसने शुरू कर दिए । हरदोई की 16 राइस मिलों को खाद्य विभाग ने नोटिस जारी किया है।

सरकारी धान क्रय केन्द्रों पर खरीदे जाने वाले धान को कूट कर चावल आपूर्ति करने के लिए राइस मिलों एवं खाद्य विभाग के बीच अनुबंध होता है। इस साल सरकारी धान खरीद और धान की कुटाई के लिए तैयारियां चल रही हैं। राइस मिलों का सत्यापन भी कराया जा रहा है । 1 नवंबर से धान क्रय केन्द शुरू हो चुके हैं, जहां किसानों से सरकारी समर्थन मूल्य पर धान की खरीद के बाद मिलों को धान कूटने के लिए भेजा जाना है।

इतना धान खरीद का है लक्ष्य
इस बार करीब १ लाख एमटी धान खरीद का लक्ष्य है और इसके लिए 44 सरकारी केन्द्र खोले गए हैं। मगर अधिकांश राइस मिलों ने धान कूटने के लिए विभाग के साथ अनुबंध प्रक्रिया पूरी नहीं की है। इस बाबत खाद्य विभाग ने ऐसी करीब 16 मिलों को नोटिस जारी कर कहा है कि अगर अनुबंध प्रक्रिया पूरी नहीं की जाएगी तो लाइसेंस निरस्त कराने की कार्यवाही होगी। इस सम्बन्ध में मिल व्यापारियों से वार्ता की गयी तो उन्होंने अपनी मिलों को बंदी की कगार पर होना बताया और इसी का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने अभी तक ये सुनिश्चित नहीं किया है कि इस प्रक्रिया के बाद हमारा मुनाफा क्या रहेगा?

व्यापारी बोले- हम खुद लाइसेंस सरेंडर कर देंगे
मंडी के महामंत्री और मिलर टीटू ने कहा कि हमारी रिकवरी बैठ रही है करीब 55 प्रतिशत और सरकार चाहती है कि 67 प्रतिशत। ऐसे में कैसे होगा काम? साथ ही उन्होंने कहा कि हमें धन की कुटाई करने में कोई तकलीफ या परेशानी नहीं है, मगर हम व्यापारियों की भी कुछ मांगें है, कुछ शर्तें हैं, जिनको सरकार हमारे साथ चर्चा में लाये। व्यापारियों ने कहा कि जबरदस्ती हम सरकार का ये फैसला नहीं मानेंगे और अगर लाइसेंस निरस्त होता है तो हो जाये। उन्होंने कहा कि और सरकार लाइसेंस निरस्त करे इससे पहले हम खुद अपनी अपनी मिलों का लाइसेंस सरेंडर कर देंगे।

एडीएम बोले- नियमानुसार होगी कार्यवाही
एडीएम विपिन मिश्र ने बताया कि इस बार करीब एक लाख 18 हजार मीट्रिक टन की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए 44 केन्द्रों को खोला गया है। उन्होंने काह कि जो मिलें जानबूझ कर धान कूटने से इनकार करेंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही होगी। एडीएम ने बताया कि इस क्रम में 16 मिलों को नोटिस जारी किया गया है ।