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रीता बहुगुणा जोशी ने राजकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह में बाल बंदियों से कहा- अपने कृत्यों को भुलाकर पढ़ाई-लिखाई करें

मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि सम्प्रेक्षण ग्रह के बच्चों के झगड़े में अधिकारियों की भी लापरवाही नजर आ रही है।

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Rita Bahuguna

Rita Bahuguna

हरदोई. मंत्री महिला कल्याण एवं परिवार कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने राजकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह में बन्द बाल बंदियों के दो गुटों के बीच हुए झगड़े की जानकारी लेते हुए वहाँ निरीक्षण किया। मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि सम्प्रेक्षण ग्रह के बच्चों के झगड़े में अधिकारियों की भी लापरवाही नजर आ रही है । इसलिए अधिक साल से रूके अधिकारियों के स्थानान्तरण किये जाएंगे। साथ ही जांच में जो दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

मंत्री ने राजकीय सम्प्रेक्षण गृह के सामाजिक संस्था के पदाधिकारियों पर इस हादसे के प्रति नाराजगी व्यक्त की तथा निर्देष दिये कि राजकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह का नियमित निरीक्षण करें और बच्चों से वार्ता भी करें ताकि उनकी किसी भी परेशानी की जानकारी हो और उनका सुधार समय से हो सके।

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जावेद अहमद, अपर पुलिस अधीक्षक निधि सोनकर, उप जिलाधिकारी सर्वेष गुप्ता, तहसीलदार सदर रामआसरे, जिला प्रोबेषन अधिकारी सतीष सिंह, केयर टेकर वेद प्रकाष, संस्था की सदस्य गीतेष नन्दिनी रस्तोगी, अर्चना बाजपेई सहित अन्य अधिकारी आदि मौजूद रहें।

निरीक्षण में मिली खामियां, दिए शौचालय निर्माण के निर्देश-

मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने सम्प्रेक्षण गृह में रह रहे बाल बंदियों के कमरों, शौचालय, रसोई घर आदि को देखा तथा कम शौचालयों एवं खराब शौचालयों के सम्बन्ध में मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि पीडब्ल्यूडी के माध्यम से अतिरिक्त शौचालयों का निर्माण कराएं और बच्चों के खेलने हेतु वॉलीबाल कोर्ट का निर्माण कराएं ताकि बच्चों की खेल में रूचि बढ़े। वहीं सम्प्रेक्षण गृह की बाउन्ड्री वाल और ऊंची कराई जायें। मंत्री ने मुख्य विकास अधिकारी एवं नगर मजिस्ट्रेट वन्दिता श्रीवास्तव को निर्देष दिये कि सम्प्रेक्षण गृह के बच्चों को पढ़ाई के साथ ही कौशल विकास मिशन के तहत रोजगार से सम्बन्धित प्रशिक्षण दिये जाये ताकि सम्प्रेक्षण गृह से बाहर जाने के बाद बच्चें अपना रोजगार स्थापित करें और अपराध से मुक्त हो सकें।

अलग अलग कमरो में रखे जाए छोटे और बड़े बाल बन्दी -

मंत्री ने कहा कि सम्प्रेक्षण गृह के बड़े एवं छोटे बच्चों को अलग-अलग रखा जाये तथा जो बालबंदी उपद्रवी हैं, उन्हें दूसरे जिले के सम्प्रेक्षण गृह में स्थानान्तरित किया जाएं और बच्चों पर विषेष नजर रखी जाएं। उन्होंने निरीक्षण के दौरान बाल बंदियों से भी मुलाकात की और कहा कि वह अपने द्वारा जाने अंजाने में किये गये किसी न किसी अपराध की वजह से यहां पर आये हैं। अब अपने द्वारा किये कृत्यों को भुलाकर पढ़ाई-लिखाई के साथ कौशल मिशन के अन्तर्गत कोई भी रोजगार परक प्रशिक्षण प्राप्त करे। और बाहर जाकर अच्छे इंसान के रूप में खुद को स्थापित करें ताकि समाज में उन्हें पुनः सम्मान हासिल हो सके।