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Hathras Satsang Incident: हाथरस सत्संग हादसे पर सीएम की ताबड़तोड़ कार्रवाई! अधिकारियों के बाद ‘भोले बाबा’ पर कार्रवाई की तैयारी

Hathras Satsang Incident: हाथरस हादसे में एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर सीएम योगी ने बड़ा ऐक्शन लिया है। इसमें एसडीएम, सीओ, तहसीलदार और थानाध्यक्ष समेत 6 अधिकारियों के सस्पेंशन के बाद अब ‘भोले बाबा’ की फौज पर कार्रवाई की तैयारी है।

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Hathras Satsang Incident: हाथरस सत्संग हादसे पर सीएम की ताबड़तोड़ कार्रवाई, अधिकारियों के बाद ‘भोले बाबा’ पर कार्रवाई की तैयारी

Hathras Satsang Incident: हाथरस सत्संग हादसे पर सीएम की ताबड़तोड़ कार्रवाई, अधिकारियों के बाद ‘भोले बाबा’ पर कार्रवाई की तैयारी!

Hathras Satsang Incident: हाथरस सत्संग हादसे में सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी की जांच रिपोर्ट आते ही बड़ा एक्शन लिया है। इस हादसे के लिए एसआईटी ने प्रारंभिक जांच में चश्मदीद गवाहों समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर भगदड़ के लिए कार्यक्रम आयोजकों को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना है। इसमें कहा गया है कि अधिकारियों ने इस कार्यक्रम को गंभीरता से नहीं लिया। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी भी नहीं दी।

एसआईटी ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। इसी आधार पर शासन की ओर से एसडीएम सिकन्दराराऊ, सीओ सिकन्दराराऊ, थानाध्यक्ष सिकन्दराराऊ, तहसीलदार सिकन्दराराऊ, चौकी प्रभारी कचौरा एवं चौकी प्रभारी पोरा को शासन ने सस्पेंड कर दिया है। इसके बाद अब सीएम योगी के निशाने पर कार्यक्रम का आयोजन करने वाले ‘भोले बाबा’ की मंडली आ गई है। कहा जा रहा है कि जल्द ही सीएम योगी इनके खिलाफ भी एक्‍शन ले सकते हैं।

दो जुलाई को भोले बाबा के सत्संग में मची थी भगदड़

हाथरस के सिकन्दराराऊ में बीते 02 जुलाई को सत्संग के दौरान घटित दुर्घटना के तत्काल बाद गठित एडीजी जोन आगरा और मंडलायुक्त अलीगढ़ की एसआईटी ने 02, 03 और 05 जुलाई को घटना स्थल का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान कुल 125 लोगों का बयान लिया गया।

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जिसमें प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ आम जनता एवं प्रत्यक्षदर्शियों का बयान भी लिया गया। इसके अलावा, घटना के संबंध में प्रकाशित समाचार की प्रतियां, स्थलीय विडियोग्राफी, छायाचित्र, विडियो क्लिपिंग का संज्ञान लिया गया। जांच समिति ने अब तक हुई जांच और कार्यवाही के आधार पर हादसे के पीछे किसी बड़ी साजिश से भी इंकार नहीं किया है और गहन जांच की जरूरत बताई है।

आयोजक मंडल ने तथ्यों को छिपाकर प्रशासन से ली अनुमति

जांच समिति ने कार्यक्रम आयोजक तथा तहसील स्तरीय पुलिस व प्रशासन को भी दोषी पाया है। स्थानीय एसडीएम, सीओ, तहसीलदार, इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज द्वारा अपने दायित्व का निर्वहन करने में लापरवाही के जिम्मेदार हैं। उप जिला मजिस्ट्रेट सिकन्दराराऊ द्वारा बिना कार्यक्रम स्थल का मुआयना किये आयोजन की अनुमति प्रदान कर दी गई और वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत भी नहीं कराया। आयोजकों ने तथ्यों को छिपाकर कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति ली। अनुमति के लिए लागू शर्तों का अनुपालन नहीं किया गया। आयोजकों द्वारा अप्रत्याशित भीड़ को आमंत्रित कर पर्याप्त एवं सुचारु व्यवस्था नहीं की गई। न ही कार्यक्रम के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा दी गई अनुमति की शर्तों का पालन किया गया।

SIT ने आयोजक मंडल को बताया अव्यवस्‍था फैलाने का दोषी

एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में आयोजक मंडल से जुड़े लोग अव्यवस्था फैलाने के दोषी बताया है। रिपोर्ट में कहा गया कि आयोजक मंडल ने जिन लोगों को बिना विधिवत पुलिस वेरिफिकेशन के जोड़ा, उनसे ही अव्यवस्था फैली। आयोजक मंडल ने पुलिस के साथ भी दुर्व्यवहार किया।

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स्थानीय पुलिस को कार्यक्रम स्थल पर निरीक्षण से रोकने का प्रयास किया गया। सत्संगकर्ता और भीड़ को बिना सुरक्षा प्रबंध के आपस में मिलने की छूट दी गई। भारी भीड़ के दृष्टिगत यहां किसी प्रकार की बैरीकेटिंग अथवा पैसेज की व्यवस्था नहीं बनाई गई थी और दुर्घटना घटित होने पर आयोजक मंडल के सदस्य घटना स्थल से भाग गए। सीएम योगी ने एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर हाथरस के छह अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। अब माना जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में सत्संग का आयोजन करने वालों पर कार्रवाई हो सकती है।