
हाथरस। विद्युत विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के कारण लगभग चालीस वर्ष पूर्व नलकूप के लिए बिजली कनेक्शन लगाने हेतु किसान द्वारा सभी औपचारिक कार्रवाई पूर्ण और स्टीमेट का रूपया जमा कराने क बाद भी कस्बा सासनी के गांव जसराना किसान सूरजपाल को विद्युत कनेक्शन मुहैया नहीं हो पाया है। विभाग द्वारा 1977 में गांव जसराना के सूरजपाल को सूचित किया गया कि यदि वह नसबंदी करा ले तो उसका कनेक्शन शीघ्र लग जाएगा। इस पर सूरजपाल ने अपनी पत्नी की नसबंदी करा दी मगर विभाग का दिल फिर भी नहीं पसीजा। जिससे परेशान होकर 1980 में सूरजपाल सिंह ने मुंसिफ कोर्ट में गुहार लगाई जिसमें दो साल मुकदमा चलने के बाद 1982 में स्पेशल जज नानक चंद ने विद्युत विभाग को एक माह में कनेक्शन उपलब्ध कराने के आदेश दिए। मगर विभाग कुंभकरण की नींद सोता रहा। उसके बाद प्रदेश को डार्कजॉन घोषित कर दिया गया। जिसे लेकर विद्युत अधिकारियों ने सूरजपाल से काफी चक्कर लगवाए। अब डार्कजोन हट जाने के बाद भी विभाग सूरजपाल की कोई सुनवाई नहीं कर रहा है और न ही उसकी परेशानी को समझने की कोशिश कर रहा है।
कई अधिकारियों से लगाई गुहार
किसान चालीस वर्ष से विभागीय अधिकारियों के चक्कर लगाते हुए परेशान होकर उम्रदराज हो गया है मगर विभागीय अधिकारी बहाने लगाकर किसान को प्रताड़ित करने में लगे हुए हैं। किसान शिकायत-दर-शिकायत करते हुए विभागीय अधिकारियों के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों से भी करता चला आ रहा है मगर उसको विद्युत कनेक्शन मुहैया कराने में कोई मदद करने को आगे नहीं बढ़ रहा है। हाल ही में किसान ने एसडीएम अंजुम बी से विद्युत कनेक्शन मुहैया कराने की गुहार लगाई है।
1976 में जमा करा दिए कनेक्शन के लिए रूपए
तहसील क्षेत्र के गांव जसराना निवासी किसान सूरजपाल सिंह पुत्र देवी सिंह ने बताया कि उसने 20 सितंबर 1976 को अपनी 50 बीघा खेती में सिंचाई हेतु साढे सात हॉर्सपावर का विद्युत कनेक्शन नलकूप पर लगाने के लिए विद्युत अधिकारियों द्वारा बताए गये सभी खर्चों का स्टीमेट और औपचारिक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद 2494 रूपए भी विभाग को जमा करा दिए उसके बाद विभाग ने उसे काफी समय तक परेशान किया और कनेक्शन नहीं दिया।
ये कहना है एसडीओ का
एसडीओ नगेन्द्र सिंह ने कहा कि नलकूप विभाग के कनेक्शन डिवीजन से होते हैं फिर यह मामला पुराना है, तब से अब तक कई बार विद्युत रेट बढ़ चुके हैं। इतनी पुरानी फाइलों को कहां ढूंढ़ा जाएगा। इससे बेहतर होगा कि किसान पुराने मामले को प्रतिष्ठा न बनाकर अपना नया कनेक्शन ले लें जिससे उसकी सिंचाई हो सके।
Updated on:
13 Feb 2018 09:48 pm
Published on:
13 Feb 2018 09:31 pm
बड़ी खबरें
View Allहाथरस
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
