
आश्रम से मिले दस्तावेजों की प्रतीकात्मक फोटो
हाथरस कांड ( Hathras Case ) के बाद अब बाबा के कारनामों की परतें भी खुलने लगी हैं। अभी तक ये बात सामने आ चुकी है कि खुद को बाबा की उपाधि देने वाले विश्वहरि पूर्व में यूपी पुलिस के सिपाही थे। उनके खिलाफ एक मुकदमा दर्ज हो गया था उन्हे अपने पद से स्तीफा देना पड़ा था। अब पता चला है कि उनके खिलाफ वर्ष 2000 में पाखंड फैलाने का आरोपों में भी एक मुकदमा दर्ज हो चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( UP CM Yogi Adityanath ) ने कहा है कि हाथरस कांड का कोई भी दोषी बचेगा नहीं। सबके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके बाद एक्शन में आई मैनपुरी पुलिस ने भोले बाबा के मैनपुरी स्थित आश्रम में छापेमारी की थी। यहां घंटों चली तलाशी के बाद पुलिस के हाछ कुछ महत्वपूर्ण कागजात लगे हैं। इन्ही के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि अब मैनपुरी पुलिस भोले बाबा की गिरफ्तारी कर सकती है। इन दस्तावेजों में एक पुराने केस की फाइल भी पुलिस टीम के हाथ लगी है।
हाथरस में हुई घटना के बाद भोले बाबा फरार हैं। अभी तक इस मामले में आयोजकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोपों में मामला दर्ज किया जा चुका है। अब बाबा के खिलाफ और भी ठोस सबूत जुटाने के लिए मैनपुरी पुलिस ने भोले बाबा के मैनपुरी स्थित आश्रम में छापेमारी की थी। यहां घंटों छापेमारी के बाद पुलिस को कुछ अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं। पुलिस क्षेत्राधिकारी करहल को तलाशी के दौरान कुछ कागजात मिले हैं जिनके आधार पर पता चला है कि वर्ष 2000 में भोले बाबा के खिलाफ अंधविश्वास फैलाने और पाखंड को बढ़ावा देने का आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था। ऐसे में साफ है कि अब बाबा की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। मैनपुरी पुलिस अब इन्ही दस्तावेजों के आधार पर किसी भी समय बाबा को गिरफ्तार कर सकती है।
Updated on:
13 Jul 2024 03:06 am
Published on:
03 Jul 2024 05:25 pm
