
हाथरस. हाथरस की बेटी के साथ हुई दरिंदगी की वारदात को शनिवार को दो महीने पूरे हो गए हैं, लेकिन अभी तक घटना का सच सामने नहीं आ सका है। जबकि स्थानीय पुलिस और एसआईटी से लेकर सीबीआई को जांच में लगाया गया था। ज्ञात हो कि 14 सितंबर को हुई वारदात के बाद बिटिया को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज से दिल्ली भेजा गया था। जहां इलाज के दौरान बिटिया की मौत हो गई थी।
हाथरस की बिटिया से दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोप में गांव के ही चार युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पहले इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस कर रही थी, लेकिन मामला सुर्खियों में आने के बाद सीएम योगी के आदेश पर एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सीएम योगी काे सौंपी। वहीं, सीएम योगी की सिफारिश पर सीबीआई भी एक महीने से मामले की जांच कर रही है। सीबीआई की जांच में एक के बाद एक नए तथ्य प्रकाश में आ रहे हैं। लेकिन, दो महीने बाद भी अब तक मामले का पूरा सच लोगों के सामने नहीं आ सका है।
बेटी के बिना क्या त्योहार मनाएं
दिवाली के दिन भी बिटिया के घर मायूसी छाई हुई है। पीड़ित मां ने भरे मन से बताया कि हमारी बेटी हमसे दूर हुई तो ऐसे में हम क्या त्योहार मनाएं। बेटी को याद करते ही मां की आंखों में आंसू छलक आए। उन्होंने कहा कि हम अपनी दिनचर्या सामान्य करने में लगे हैं। उन्होंने बताया कि बेटी घर के सभी कामों में हाथ बंटाती थी, लेकिन इस बार तो त्योहार ही खोटा हो गया है। अब हमारे लिए कैसा त्योहार? बता दें कि आरोपी पक्ष ने भी अपने घरों में रंगाई-पुताई कराई है, लेकिन उनका भी यही कहना है कि जब बच्चे जेेल में बंद हों तो क्या दिवाली मनाएं। वहीं, गांव में अब हालात सामान्य हो चले हैं। ग्रामीण घरों को सजाकर दिवाली की तैयारियों में जुटे नजर आए।
Published on:
14 Nov 2020, 12:12 PM IST
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