
पुलिस का संवेदनहीन चेहरा आया सामने
हाथरस। जिले में एक बार फिर मानवता शर्मसार हुई है। आवारा गाय के हमले में घायल युवक काफी देर तक सड़क पर पड़ा तड़पता रहा। वहां मौजूद लोग और पुलिसकर्मी तमाशबीन बने देखते रहे, लेकिन किसी ने भी उसे अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई। सूचना मिलने के काफी देर बाद पहुंची 108 एम्बुलेंस से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
गाय के हमले में घायल हुआ युवक
शुक्रवार को सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के विनोबा नगर चौराह के पास धनौली निवासी आस कुमार पर आवारा गाय ने हमला कर दिया। जिससे वो बुरी तरह घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। लोगों ने इसकी सूचना सादाबाद कोतवाली पुलिस को दी और पुलिस के आने के इंतजार में तमाशबीन बन घायल युवक को तड़पता देखते रहे।
पुलिस का संवेदनहीन चेहरा आया सामने
सूचना मिलने के बाद सादाबाद पुलिस मौके पर तो पहुंची, लेकिन उसका भी संवेदनहीन चेहरा देखने को मिला। पुलिसकर्मी तमाशबीन लोगों की तरह 108 एम्बुलेंस को फोन लगाती रही, लेकिन घायल को अपनी गाड़ी से अस्पताल ले जाना उचित नहीं समझा। वहीं घायल युवक दर्द से तड़पता रहा। काफी देर बाद आई एम्बुलेंस ने घायल युवक को सादाबाद सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में भर्ती कराया। फिलहाल घायल आस कुमार की हालत नाजुक बनी हुई है।
दारोगा जीप में बैठे तमाशा देखते रहे
सादाबाद कोतवाली में तैनात दारोगा रवि कांत यादव भी मौके पर पहुंचे, लेकिन वो भी अपनी जीप में बैठ कर कर तमाशा देखते रहे। जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो दारोगा कैमरे से बचते नजर आये। पुलिस की संवेदनहीनता और लापरवही का यह नजारा एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। इससे पहले हाथरस रेलवे स्टेशन के बाद एक महिला का क्षत विक्षत शव मिला था। उसके अंगों को आवारा जानवर ले गए थे।
Published on:
26 Aug 2017 03:18 pm
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