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हाथरस गैंगरेप: मायावती ने सुप्रीम कोर्ट से की कार्रवाई की मांग तो प्रियंका ने मांगा सीएम योगी से इस्तीफा

Highlights - हाथरस गैंगरेप पीड़िता के जबरन अंतिम संस्कार पर जताई आपत्ति - Mayawati ने कहा- हाथरस गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट से स्‍वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए - Priyanka Gandhi बोलीं- सीएम योगी इस्तीफा दें, आपके शासन में न्याय नहीं, सिर्फ अन्याय का बोलबाला

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हाथरस

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lokesh verma

Sep 30, 2020

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हाथरस. बसपा सुप्रीमो मायावती और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने हाथरस गैंगरेप पीड़िता के जबरन अंतिम संस्कार पर आपत्ति जताते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा है। मायावती ने कहा है कि हाथरस गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट से स्‍वत संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस और सरकार के रवैये को देखकर साफ लग रहा है कि पीड़िता को न्‍याय नहीं मिलेगा।

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बसपा सुप्रीमो मायावती ने हाथरस गैंगरेप पीड़िता के शव को पुलिस प्रशासन द्वारा अंतिम संस्कार पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि यूपी पुलिस द्वारा हाथरस की गैंगरेप दलित पीड़िता के शव को उसके परिवार को नहीं सौंपकर उनकी मर्जी के बिना व उनकी गैर-मौजूदगी में ही कल आधी रात को अंतिम संस्कार कर देना लोगों में काफी संदेह व आक्रोश पैदा करता है। बसपा पुलिस के ऐसे गलत रवैये की कड़े शब्दों में निन्दा करती है। अगर माननीय सुप्रीम कोर्ट इस संगीन प्रकरण का स्वयं ही संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करें तो यह बेहतर होगा, वरना इस जघन्य मामले में यूपी सरकार व पुलिस के रवैये से ऐसा कतई नहीं लगता है कि गैंगरेप पीड़िता की मौत के बाद भी उसके परिवार को न्याय व दोषियों को कड़ी सजा मिल पाएगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ इस्तीफा दें: प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने गैंगरेप पीड़िता के जबरन अंतिम संस्कार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रात को 2.30 बजे परिजन गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन हाथरस की पीड़िता के शरीर को यूपी प्रशासन ने जबरन जला दिया। जब वह जीवित थी, तब सरकार ने उसे सुरक्षा नहीं दी। जब उस पर हमला हुआ सरकार ने समय पर इलाज नहीं दिया। पीड़िता की मृत्यु के बाद सरकार ने परिजनों से बेटी के अंतिम संस्कार का अधिकार छीना और मृतका को सम्मान तक नहीं दिया। यह घोर अमानवीयता है। आपने अपराध रोका नहीं, बल्कि अपराधियों की तरह व्यवहार किया। अत्याचार रोका नहीं, एक मासूम बच्ची और उसके परिवार पर दोगुना अत्याचार किया। सीएम योगी आदित्यनाथ इस्तीफा दें। आपके शासन में न्याय नहीं, सिर्फ अन्याय का बोलबाला है।

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