
सट्टा किंग चतुरा ने खोले अहम राज, फंस सकते हैं कई सफेदपोश और नामचीन
हाथरस। सट्टा माफिया चतुभुर्ज गुप्ता उर्फ चतुरा ठगी का शिकार हो गया। छह महीने पहले बड़ी किन्दौली का एक मिस्त्री उससे ढाई लाख रुपए ले गया। मिस्त्री ने कहा कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा में उसकी अच्छी 'सेटिंग' है। वह स्मैक के नमूने को फेल करा देगा। यह बात चतुरा ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बतायी है।
ठग से भी हुई ठगी
चतुरा जैसे ही पुलिस की पकड़ में आया तो उसने खुद को बचाने के लिए पुलिसकर्मियों के सामने तमाम ऑफर रखे लेकिन पुलिस के सामने उसकी दाल नहीं गल सकी। जब इंस्पेक्टर जेएस पंवार ने उससे पूछताछ की तो वह सबकुछ बोलता गया, क्योंकि 2017 में हाथरस गेट पुलिस ने चतुरा को एक किलो स्मैक के साथ पकड़ा था। जिसकी कीमत करीब सत्तर लाख रुपए बतायी जा रही थी। पुलिस ने उस स्मैक का नमूना लेकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था। जिसकी रिपोर्ट आ चुकी है, लेकिन रिपोर्ट आने से पहले पुलिस को मालूम हुआ कि चतुरा तरह-तरह की अफवाह फैला रहा है। इसलिए इंस्पेक्टर ने उस अफवाह का सच जानने की कोशिश की तो चतुरा ने सबकुछ बता दिया। उसने कहा कि करीब छह महीने पहले बड़ी किन्दौली का एक मिस्त्री उसके पास से ढाई लाख रुपए लेकर गया था। उसने कहा था कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला में उसकी अच्छी सेटिंग है। वह नमूने को फेल करा देगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। चतुरा ने बताया कि जब कोई काम नहीं हुआ तो उसने मिस्त्री से पैसे मांगे लेकिन अब वह फरार है। उसका कुछ पता नहीं चल सका है लेकिन पुलिस ने जब मिस्त्री के बारे में जानकारी की तो मालूम हुआ कि वह न जाने कितने लोगों को ठग चुका है। अब वह फरीदाबाद में रह रहा है। यहां वह चोरी के वाहनों को कटवाता था। इंस्पेक्टर जेएस पंवार का कहना है कि उस मिस्त्री के बारे में पता किया जा रहा है। उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
चतुरा के नजदीकियों की सूची बना रही पुलिस
पुलिस चतुरा के धंधे में उसकी मदद करने और शामिल लोगों की सूची बना रही है ताकि उन्हें टारगेट बनाया जा सके क्योंंकि चतुरा के साथ कुछ लोग दीवानी कचहरी तक उसके साथ रहे। उसे अलीगढ़ के लिए प्राईवेट गाड़ी से रवाना किया गया। चतुरा की टीम में तमाम लोग शामिल हैं। उनमें आम आदमी से लेकर सफेदपोश तक हैं लेकिन पुलिस उनका नाम सार्वजिनक करने से कतरा रही है। मगर चतुरा ने सारे नाम पुलिस को बता दिये हैं। चतुरा को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने इस बात पर भी नजर रखी कि कौन कौन उसके साथ रहा। कुछ लोग दीवानी कचहरी तक उसके साथ रहे। उसे सांत्वना देते रहे। उन्होंने एक प्राईवेट गाड़ी किराये पर की और अलीगढ़ जेल भिजवाया। इतना ही नहीं पुलिस अब जेल में चतुरा से मिलने वालों की सूची भी बनाएगी। इंस्पेक्टर जेएस पंवार का कहना है कि चतुरा ने बहुत कुछ बताया है उसे बताया नहीं जा सकता है लेकिन उसके नजदीकियों पर पूरी नजर है। उनके खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
08 Aug 2018 03:52 pm
Published on:
08 Aug 2018 02:44 pm
बड़ी खबरें
View Allहाथरस
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
