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आरटीआई में महात्मा गांधी के बारे में मिली चौंकाने वाली जानकारी

आरटीआई कार्यकर्ता प्रतीक चौधरी का कहना है कि जानकारी अधूरी व अस्पष्ट है, लेकिन जो जानकारी दी गई उससे आश्चर्य हो रहा है।

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हाथरस

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Amit Sharma

Oct 11, 2017

अलीगढ़। आरटीआई के जरिए महात्मा गांधी को लेकर मांगी गई सूचना पर आश्चर्य करना वाला जवाब मिला है। गृह मंत्रालय से गांधी जी के बारे में सूचनाएं मांगी गई थीं, जो जनहित से जुड़ी बताई गईं। आरटीआई कार्यकर्ता प्रतीक चौधरी ने जो सवाल पूछे उसके जवाब सीधे गृह मंत्रालय से नहीं मिले, गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति व गांधी विरासत स्थल मिशन, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की तरफ से आरटीआई का जवाब दिया गया है।

पूछे गए सवाल औल जवाब

1- सवाल पूछा गया कि महात्मा गांधी को किस सूचना, नियम, कानून, गजट, आदेश के तहत राष्ट्रपिता की उपाधि दी गई। इसकी प्रमाणित प्रति भी मांगी गई, वहीं जवाब में कहा गया कि राष्ट्रपिता के लिए कोई नियम, अध्यादेश नहीं किया गया।


2- वहीं दूसरा सवाल था कि किस अधिसूचना, नियम, कानून, गजट, आदेश के तहत भारतीय मुद्रा पर गांधी जी की चित्र छपा है। जवाब मिला कि 1993 व 1994 की बैठक के दौरान केन्द्र सरकार को आरबीआई ने अनुमोदित कराया।


3-वहीं तीसरा सवाल है कि पुलिस, थानों, तहसील, न्यायालयों, सरकारी कार्यालयों पर गांधी जी का फोटो किस अधिसूचना, नियम, कानून, गजट, आदेश के द्वारा लगाया गई। इस पर मांगी गई कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।


नहीं मिला कोई सरकारी दस्तावेज

आरटीआई कार्यकर्ता प्रतीक चौधरी का कहना है कि जानकारी अधूरी व अस्पष्ट है, लेकिन जो जानकारी दी गई उससे आश्चर्य हो रहा है। जानकारी के अनुसार राष्ट्रपिता की उपाधि के संदर्भ में कोई सरकारी दस्तावेज नहीं मिले लेकिन इतिहास को देखा जाए तो महात्मा शब्द की उपाधि रवीन्द नाथ टैगोर ने दी थी। वहीं फादर ऑफ नेशन का दर्जा सुभाश चंद्र बोस ने दिया था। संभव है कि सुभाष चंद्र बोस के बुलाने के बाद राष्ट्रपिता के रुप में गांधी जी को संबोधित किया गया। वहीं सरकारी कार्यालयों में आजादी के बाद प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु व महात्मा गांधी की तस्वीर लगाई जाने लगी। कांग्रेस की सरकार के चलते ये परम्परा बन गई थी, लेकिन इस संदर्भ में कोई सरकारी प्रपत्र नहीं प्राप्त हुआ है। वहीं भारतीय मुद्रा पर आजादी से पहले ब्रिटेन के शासक किंग जार्ज की फोटो लगी होती थी। आजादी के बाद अशोक स्तम्भ की तस्वीर देखी गई। वहीं जानकारी के अनुसार कई मुद्राओं पर शासन करने वाले शासक की फोटो ही देखी गई। लेकिन भारत में 1993-94 के मिले दस्तावेज में आरबीआई ने केन्द्र सरकार को महात्मा गांधी की फोटो मुद्रा में अंकन के बारे में जानकारी दी है। हालांकि कब से महात्मा गाधी की फोटो भारतीय मुद्रा पर अंकन हो रहा है इस बारे में कोई सरकारी दस्तावेज नहीं मिला है।