
हाथरस. हाथरस केस में उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को हलफनामा दाखिल करते हुए कहा है कि पीड़ित परिवार को तीन स्तरीय सुरक्षा मुहैया कराई गई है। इसके अलावा राज्य सरकार ने कोर्ट से सीबीआई जांच की निगरानी करने का भी आग्रह किया है, ताकि राजनीतिक लाभ के लिए चलाया गया फर्जी एजेंडा सबके सामने आ सके। सुप्रीम कोर्ट में आज यानी गुरुवार को इस मामले में सुनवाई होगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 6 अक्टूबर को सुनवाई करते हुए पीड़ित परिवार के साथ ही गवाहों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। इसी संबंध में यह हलफनामा दाखिल किया गया है।
हाथरस मामले में सीबीआई की जांच का आज पांचवां दिन है। जांच टीम के दो अधिकारी सुबह चंदपा कोतवाली पहुंचे और पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। वहीं, गुरुवार सुबह सीबीआई की एक टीम बूलगढ़ी पहुंची है, जो चारों आरोपियों के परिवार से पूछताछ करेगी। वहीं, अलीगढ़ और हाथरस के डॉक्टरों से भी पूछताछ हो सकती है, जिन्होंने पीड़िता की जांच और इलाज किया था। बता दें कि सीबीआई टीम के अधिकारियों ने बुधवार को पीड़िता के दोनों भाइयों और पिता से सात घंटे पूछताछ की। इसके बाद टीम ने तीनों को घर छोड़ा। पीड़िता के भाई का कहना है कि सीबीआई के अधिकारियों ने घटना जानकारी ली है। उन्होंने तीनों से अलग-अलग पूछताछ की है। हमें जो कुछ पता था वह सब बताया गया है।
जांच में सहयोग नहीं कर रहे पीएफआई के सदस्य
हाथरस केस की आड़ में उत्तर प्रदेश में दंगा भड़काने की साजिश रचने के मामले में गिरफ्तार पीएफआई के चारों सदस्यों से पूछताछ में ईडी को अहम सुराग मिले हैं। बुधवार को ईडी ने जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ की। सूत्रों की मानें तो ईडी टीम को फंडिंग को लेकर कुछ सुराग हाथ लगे हैं। लेकिन, पीएफआई के चारों सदस्य जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि ईडी चारों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
Published on:
15 Oct 2020 11:24 am
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