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चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि, मारिजुआना से बची 12 साल की बच्ची की जान

12 वर्षीय बच्ची की बीमारी का मारिजुआना से किया इलाज, 3 माह में स्वस्थ हुई।

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priyanka agarwal

Jun 05, 2017

treat

marijuana

अमरीका के टुस्कॉन की रहने वाली 12 वर्षीय एनालिस लूजन एक जिमनास्टिक मीट के बीच में थी। तभी उनको अचानक उल्टिया होने लगी और पैर सुन्न पड़ गए। उसके माता पिता उसे तुरंत ही अस्पताल ले कर गए जहां उसे ब्रेन हेमरेज से बचाने के लिए डॉक्टरों ने उनका दिमाग सुन्न कर दिया गया।

एनालिस को फीनिक्स अस्पताल के स्पेशल वार्ड में भर्ती किया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि एलालिस को एक विचित्र मिर्गी रोग फेब्रिल इन्फेक्शन रिलेटेड एपिलेप्सी सिंड्रोम (स्नढ्ढक्रश्वस्) से पीडि़त है। डॉक्टरों ने एनालिस का इलाज शुरू कर दिया लेकिन उस पर दवाओं को कोई असर नहीं हो रहा था।

इसके बाद जब मिर्गी की किसी भी दवा का असर एनालिस पर नहीं नजर आने पर एनालिस की मां घबरा गई लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और खुद ही बचाव के नए उपायों के बारे में खोज करने लगी। उन्होंने कही पढ़ा की मारिजुुआना से बनी दवाई कन्नैबीडिओल से इस बीमारी का इलाज मुमकिन है।

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इसके बाद एनालिस का मारिजुआना से इलाज शरू हुआ। इलाज के ठीक 3 महीने बाद एनालिस को होश में लाया गया। अब उसकी बीमारी ठीक हो चुकी है और अब उसका दिमाग वापस चुस्त करने के लिए उसे थेरेपी दी जा रही है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, मारिजुआना एनालिस के मामले में तो लाभकारी साबित हुआ, लेकिन अभी इस उपाय पर और रिसर्च की आवश्यकता है। डॉक्टरों की मानें तो यह चिकित्सा की दुनिया में बड़ी उपलब्धि साबित है।

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स्नढ्ढक्रश्वस् एक बहुत ही कम पाई जाने वाली बीमारी है जो लाखों में से किसी एक बच्चें को प्रभावित करती है। इसके लक्षण बच्चे में 14 दिन पहले से ही नजऱ आने लगते है। बच्चे को हल्का बुखार आने लगता है। यह सामान्य ज़ुखाम या पेट दर्द के बाद दिमाग में वायरस फैलने से होता है।

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