
दही में मिश्री मिलाकर खाने से बढ़ता है वजन
दही हमारे आहार का प्रमुख हिस्सा है। दही का काम शरीर में बल को बढ़ाना होता है। लेकिन जिन्हें कफ, जोड़ों की समस्या, एलर्जी व सांस संबंधी परेशानी है तो उन्हें परहेज करना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार दही में आंवला चूर्ण, मिश्री व शक्कर मिलाकर खाएं। रात में खाने से बचें।
वसंत में दही खाने से बढ़ता है कफ
दही की प्रकृति उष्ण होती है। वसंत ऋतु में मौसम गर्म होता है। इसे खाने से कफ की वृद्धि होती है। दही का उपयोग हेमंत, शिशिर एवं वर्षा ऋ तु में अधिक करना चाहिए। अगर दही खाना चाहते हैं छाछ के रूप में लें।
गर्मी में संस्कार कर खाना फायदेमंद
अगर गर्मी में दही खा रहे हैं तो उसमें शक्कर, नमक, गुड़ या मिश्री मिला लें। थोड़ा पानी भी मिल सकते हैं। संस्कार करने से दही की तासीर ठंडी हो जाती है। अगर नमक मिलाते हैं तो इसका उपयोग जल्दी कर लें।
दही खाने के अन्य फायदे
दही मिश्री खाने के लाभ: जिनका वजन कम है उन्हें नियमित रूप से दही में मिश्री मिलाकर खाना चाहिए। इससे वजन में बढ़ोत्तरी होती है। इससे स्मरण शक्ति भी बढ़ती है।
तनाव दूर होता: थकान होने पर दही खाते हैं तो ऊर्जा मिलती है। दही में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं। तनाव घटता है। दही शरीर को हाइड्रेट भी रखता है।
भरपूर कैल्शियम: दही में कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। दही खाने से दांत और हड्डियां मजबूत होती हैं। साथ ही हड्डियों से जुड़ी बीमारियों की आशंका भी घटती है।
इम्युनिटी बढ़ती: दही से इम्युनिटी बढ़ती है। रोग प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होता है। अनिद्रा में भी इसका लाभ मिलता है।
डैंड्रफ से बचाव: इसे बालों में लगाने से डैंड्रफ से बचाव होता है। दही लगाने के आधे घंटे बाद बालों को धो लेना चाहिए।
Published on:
28 Feb 2020 03:03 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
