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स्किन बर्न में जलन कम होने तक पानी से धोते रहें

दिवाली में कई बार पटाखे या दीए जलाते समय चोट लग जाती या स्किन बर्न (झुलसना) हो जाती है। इससे दिवाली की रंगत हल्की हो सकती है।

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स्किन बर्न में जलन कम होने तक पानी से धोते रहें

स्किन बर्न में जलन कम होने तक पानी से धोते रहें

दिवाली में कई बार पटाखे या दीए जलाते समय चोट लग जाती या स्किन बर्न (झुलसना) हो जाती है। इससे दिवाली की रंगत हल्की हो सकती है। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो झुलसने पर राहत पा सकते हैं। कुछ राज्यों में पटाखों पर रोक है। इसका पालन करें।
स्याही-टूथपेस्ट न लगाएं
स्किन बर्न होने पर उस हिस्से पर स्याही या टूथपेस्ट न लगाएं और न ही सीधे बर्फ लगाएं। उस हिस्से पर नल का पानी तब तक डालना चाहिए, जब तक कि जलन कम न हो जाए। इससे फफोले नहीं पड़ते हैं। घाव पर पट्टी भी न बांधें। हाथ जलने पर अंगूठी, कड़े या चूडिय़ां उतार दें क्योंकि सूजन होने पर दिक्कत बढ़ जाती है। आंखों में पटाखे का धुआं या बारूद चला जाए तो रगड़ें नहीं। आंख को 2-3 मिनट तक सामान्य पानी से धोएं। हृदय रोगियों को तेज आवाज वाले और सांस के रोगी सभी पटाखों से दूर रहें।
तैयार करें फस्र्ट एड किट
घर में फस्ट एड किट रखें। इमरजेंसी में इससे मदद मिलती है। ब्लीडिंग रोकने के लिए बैंडेज, बैंडेज को बांधने के लिए डॉक्टर टेप, कॉटन रोल, कैंची, सेफ्टी पिन और नेल क्लिपर(चिमटी), घाव को धोने के लिए एंटीसेप्टिक क्रीम या कोई लोशन, एंटीबायोटिक्स क्रीम और पेन किलर आदि ले सकते हैं।
इनका रखें ध्यान
पटाखे खुले मैदान में ही जलाएं। रॉकेट हमेशा ऊपर की ओर ही छोड़ें। पटाखे जलाते समय सूती कपड़े व जूते पहनें। पानी, बालू-मिट्टी का इंतजाम करें, जो पटाखा न फूटे उसके ऊपर से पानी डाल दें। बच्चे-बुजुर्ग दूर रहें। तेज आवाज वाले पटाखों से बचना चाहिए।
कच्ची हल्दी का पेस्ट लगाएं
स्किन बर्न होने पर कच्ची हल्दी का पेस्ट लगा सकते हैं। इसमें एंटीसेप्टिक गुण होने से तत्काल आराम मिलता है। झुलसने पर एलोवेरा का जेल भी फायदेमंद होता है।